
मनोरंजन डेस्क : हिंदी सिनेमा में दर्दभरे गीतों की अपनी अलग पहचान रही है। बदलते दौर और संगीत के नए ट्रेंड्स के बावजूद कुछ गाने ऐसे हैं, जो दशकों बाद भी श्रोताओं के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए हैं। ऐसा ही एक गीत है ‘ना जइयो परदेस…’, जिसने जुदाई के एहसास को बेहद भावुक अंदाज में पर्दे पर उतारा था।
यह गीत उस दर्द को बयां करता है, जब प्रेमी अपने प्रियजन से दूर जाने वाला होता है और पीछे छूट जाने वाला व्यक्ति बिछड़ने के गम में टूट जाता है। इसी भावनात्मक कहानी ने इस गीत को उस दौर के सबसे चर्चित सैड सॉन्ग्स में शामिल कर दिया था।
पूनम ढिल्लों पर फिल्माया गया था यादगार गीत
‘ना जइयो परदेस…’ साल 1986 में रिलीज हुई फिल्म कर्मा का लोकप्रिय गीत है। इस गाने को अभिनेत्री पूनम ढिल्लों पर फिल्माया गया था। फिल्म में जुदाई और भावनाओं के जिस अंदाज को दिखाया गया, उसने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।
फिल्म कर्मा उस समय की सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जाती है। इसमें दिलीप कुमार, नसीरुद्दीन शाह, अनिल कपूर, पूनम ढिल्लों, श्रीदेवी, जैकी श्रॉफ, नूतन, दारा सिंह और अनुपम खेर जैसे कई दिग्गज कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं। निर्देशक सुभाष घई के निर्देशन में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई थी।
चार दशक बाद भी बरकरार है गीत का जादू
फिल्म के कई गीत लोकप्रिय हुए, लेकिन ‘ना जइयो परदेस…’ को खास तौर पर श्रोताओं का प्यार मिला। जुदाई और इंतजार की भावनाओं को दर्शाने वाला यह गीत आज भी दर्दभरे गानों की सूची में प्रमुखता से याद किया जाता है।
रिलीज के करीब 40 साल बाद भी यह गीत उन लोगों की पसंद बना हुआ है, जो भावनात्मक और दिल को छू लेने वाले गीत सुनना पसंद करते हैं। इसकी संवेदनशील प्रस्तुति और भावपूर्ण बोल इसे एक कालजयी गीत का दर्जा दिलाते हैं।
किशोर कुमार और कविता कृष्णमूर्ति की आवाज ने बनाया खास
इस गीत की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसकी गायकी भी रही। ‘ना जइयो परदेस…’ को महान गायक किशोर कुमार और मशहूर गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने अपनी आवाज दी थी।
दोनों कलाकारों की भावनात्मक और मधुर गायकी ने गीत को ऐसी पहचान दिलाई, जो समय की कसौटी पर आज भी कायम है। यही वजह है कि यह गाना आज भी संगीत प्रेमियों की पसंदीदा प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है।
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