
नेशनल डेस्क: परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चर्चा में रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आज संगठन के अगले चरण और राष्ट्रीय विस्तार को लेकर बड़ा ऐलान किए जाने की संभावना जताई गई है। संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया के माध्यम से संकेत दिए हैं कि शीर्ष नेतृत्व ने नए रोडमैप को अंतिम रूप दे दिया है और इसकी औपचारिक घोषणा आज की जाएगी।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके के आवास पर सीजेपी की शीर्ष नेतृत्व बैठक हुई। करीब सात घंटे चली इस रणनीतिक बैठक में आशुतोष रांका, सौरव दास सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे।
छात्रों से मिले सुझावों के आधार पर बनी नई रणनीति
बैठक के दौरान इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से छात्रों और आम लोगों की ओर से मिले हजारों सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन का कहना है कि इन्हीं सुझावों के आधार पर आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तैयार की गई है।
चुनाव नहीं लड़ेगी, प्रेशर ग्रुप के तौर पर करेगी काम
सीजेपी नेतृत्व ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि संगठन किसी राजनीतिक दल का रूप नहीं लेगा और न ही चुनावी राजनीति में हिस्सा लेगा। संस्थापक अभिजीत दिपके के अनुसार संगठन का उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से सरकारों पर दबाव बनाना है।
उन्होंने कहा कि संगठन महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर एक सामाजिक दबाव समूह के रूप में कार्य करेगा।
शिक्षा सुधार रहेगा प्रमुख एजेंडा
संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य फोकस शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर रहेगा। सीजेपी के प्रमुख एजेंडे में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून और संस्थागत सुधार की मांग उठाना, छात्रों के अधिकारों और कल्याण को प्राथमिकता देना तथा शिक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक सुधार के लिए राष्ट्रीय अभियान चलाना शामिल है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया आंदोलन की उपलब्धि
सीजेपी नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपने आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया है। संगठन का दावा है कि यह केवल शुरुआत है और अब देशभर के छात्रों को एकजुट कर शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव के लिए अभियान चलाया जाएगा।
देशभर में छात्र संगठनों का नेटवर्क बनाने की तैयारी
संगठन ने कहा है कि उसका अगला लक्ष्य विभिन्न राज्यों के छात्र संगठनों का एक साझा राष्ट्रीय मंच तैयार करना है। इसके तहत अलग-अलग राज्यों के क्षेत्रीय छात्र संगठन अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखते हुए सीजेपी के केंद्रीय नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।
संगठन ने झारखंड, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े छात्र आंदोलनों को भी अपना समर्थन देने की बात कही है।
आज हो सकती है औपचारिक घोषणा
सीजेपी की ओर से जारी संकेतों के अनुसार आज होने वाली घोषणा में राष्ट्रीय विस्तार, संगठनात्मक ढांचे, नए राज्यों में इकाइयों के गठन और आंदोलन के अगले चरण की रणनीति का खुलासा किया जा सकता है। हालांकि इन प्रस्तावों की आधिकारिक पुष्टि संगठन की प्रेस ब्रीफिंग के बाद ही होगी।
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