
यूपी डेस्क : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अब बड़े आयोजनों के साथ-साथ निजी समारोहों पर भी नगर निगम की नजर रहेगी। शहर में साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम जल्द ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 लागू करने की तैयारी में है। प्रस्ताव को नगर निगम सदन की आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
नए नियम लागू होने के बाद जन्मदिन, सगाई, फेयरवेल, कॉलोनी कार्यक्रम और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए भी विशेष शर्तों का पालन करना होगा। खासकर ऐसे कार्यक्रम जिनमें 100 या उससे अधिक मेहमान शामिल होने वाले हों, उनके लिए पहले से नगर निगम की अनुमति लेना अनिवार्य किया जाएगा।
100 से ज्यादा मेहमानों पर लेनी होगी अनुमति
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक 100 या उससे अधिक लोगों वाले किसी भी कार्यक्रम के आयोजक को आयोजन से कम से कम तीन दिन पहले नगर निगम को लिखित सूचना देनी होगी। अनुमति के लिए आयोजन स्थल, संभावित मेहमानों की संख्या और कचरा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था का विवरण देना अनिवार्य रहेगा।
यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करती है या नियमों का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
नगर निगम ने पार्षदों को दी जानकारी
इस संबंध में आयोजित कार्यशाला में महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, उपसभापति पवन त्रिपाठी, नगर आयुक्त अजय जैन और अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने पार्षदों को नए नियमों की जानकारी दी। अधिकारियों ने पार्षदों से नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग की अपील की।
नगर आयुक्त अजय जैन ने कहा कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य आयोजनों और घरों से निकलने वाले कचरे पर नियंत्रण स्थापित करना तथा नागरिकों की जिम्मेदारी तय करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खुले में कचरा फेंकने, जलाने या बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चार श्रेणियों में अलग करना होगा कचरा
नगर निगम ने सभी घरों, प्रतिष्ठानों और व्यावसायिक संस्थानों को कचरा अलग-अलग श्रेणियों में रखने के निर्देश दिए हैं।
गीले कचरे में रसोई का बचा भोजन, फल-सब्जियों के छिलके और हरी पत्तियां शामिल होंगी। सूखे कचरे में कागज, गत्ता, प्लास्टिक, धातु, कांच और पुराने कपड़े रखे जाएंगे।
इसके अलावा डायपर, सैनिटरी नैपकिन, टिश्यू और घरेलू मेडिकल कचरे को अलग श्रेणी में रखा जाएगा। वहीं मोबाइल, चार्जर, बैटरी, बल्ब, घरेलू रसायन और एक्सपायर्ड दवाइयों को ई-वेस्ट श्रेणी में शामिल किया गया है।
नियम तोड़ने पर लगेगा 150 फीसदी तक जुर्माना
नगर निगम ने नियमों के उल्लंघन पर कड़े दंड का भी प्रावधान किया है। यदि 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान या परिसर निर्धारित श्रेणियों में कचरे की छंटाई नहीं करते हैं तो उन पर 150 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
नगर निगम के अनुसार बड़े आवासीय, व्यावसायिक और सरकारी परिसरों को बल्क वेस्ट जेनरेटर की श्रेणी में रखा जाएगा। इसमें 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले आवासीय भवन, 5 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले होटल और रेस्तरां तथा प्रतिदिन 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा उत्पन्न करने वाले परिसर शामिल होंगे।
Navyug Samachar