Monday , 5 October 2026

‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ नहीं’… पीएम मोदी के ऐलान के बाद भी विपक्ष अड़ा, पेपर लीक पर तेज हुई सियासत

नेशनल डेस्क: पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और रोजगार के मुद्दे को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा भी की। हालांकि, इस ऐलान के बावजूद कांग्रेस, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी), समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दल अपने रुख पर कायम हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का किया ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि पेपर लीक मामलों में शामिल आरोपियों को त्वरित और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

सीजेपी ने दोहराई शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रधानमंत्री के बयान के बाद भी छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी अपने रुख से पीछे नहीं हटी। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री पर कटाक्ष किया और जंतर-मंतर के रास्ते खुले होने का उल्लेख किया।

राहुल गांधी बोले- युवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि देश के युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान सरकार ने पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को कमजोर होने दिया गया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण मिला। राहुल गांधी ने छात्रों की तीन प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए, छात्रों से माफी मांगी जाए और प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।

जयराम रमेश ने भी साधा निशाना

कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में आकर इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा में भाग लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संसद में इस विषय पर बोलने से बच रहे हैं।

सपा ने सरकार से पूछे कार्रवाई पर सवाल

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कई पेपर लीक हुए, लेकिन अब तक कितने लोगों को सजा मिली, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र किसी के कहने पर नहीं आए हैं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और सादे कपड़ों में मौजूद लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

प्रियंका गांधी बोलीं- छात्रों का सिस्टम से भरोसा टूट चुका

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा टूट गया है। उनका कहना था कि जब व्यवस्था पर विश्वास नहीं रह गया, तो उसी व्यवस्था के समाधान को छात्र कैसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

प्रियंका गांधी ने कहा कि देशभर में हजारों छात्र सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, कई घायल हुए और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों की चिंता करती है तो बल प्रयोग क्यों किया गया।

उन्होंने सरकार से छात्रों को बातचीत के लिए बुलाने और उनकी मांगों पर ठोस कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि विश्वास बहाल करने की दिशा में पहला कदम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए।

 

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