
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए विकसित भारत 2047 के रोडमैप को सामने रखा। अपने भाषण में उन्होंने युवाओं, तकनीक, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक सुधारों पर विशेष जोर दिया। पीएम मोदी ने अगले एक साल में एक करोड़ से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और 2036 ओलंपिक के लिए बड़े स्तर पर प्रतिभा खोज अभियान समेत कई बड़े ऐलान किए।
प्रधानमंत्री ने भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने विनिर्माण, खाद्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण, तकनीक, रक्षा, हरित और समुद्री अर्थव्यवस्था तथा सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्रों में अगले स्तर के सुधारों की जरूरत बताई। इसके साथ ही 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने, भारतीय बैंक और फार्मा कंपनियों को वैश्विक स्तर पर शीर्ष पांच में पहुंचाने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने की बात कही।
पीएम मोदी के लाल किले से भाषण की 16 बड़ी बातें
- 2047 तक विकसित भारत का संकल्प: पीएम मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने इसे 140 करोड़ से अधिक भारतीयों का सामूहिक लक्ष्य बताया।
- 150 साल के ‘वंदे मातरम्’ का जिक्र: स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले पर 150 साल पुराने ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। प्रधानमंत्री ने इसके ऐतिहासिक महत्व पर जोर दिया।
- एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण: प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक साल में एक करोड़ से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग: छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
- युवा शक्ति और नवाचार पर जोर: पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी देश का युवा होगा। उन्होंने बताया कि इनोवेशन फंड के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है।
- 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभा खोज अभियान: भारत 2036 के ओलंपिक में उन खेलों में भी अपनी भागीदारी बढ़ाना चाहता है, जिनमें फिलहाल देश की मौजूदगी नहीं है। इसके लिए 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के बीच प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा।
- आत्मनिर्भर भारत पर फोकस: पीएम मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाने और महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा सुरक्षा तथा डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया।
- 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य: प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा। इसके साथ ही पांच नए परमाणु रिएक्टर स्थापित करने की बात कही।
- पाइप्ड गैस नेटवर्क का विस्तार: पीएम मोदी के मुताबिक, 2014 से पहले देश के 70 शहरों में पाइप्ड गैस उपलब्ध थी, जबकि अब 700 से अधिक शहर इससे जुड़ चुके हैं।
- रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण की उपलब्धि: प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में देश ने रेल नेटवर्क के पूर्ण विद्युतीकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
- ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर जोर: विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पीएम मोदी ने अगले स्तर के सुधारों की जरूरत बताई। उन्होंने सात प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित किया, जिनमें विनिर्माण, खाद्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण, तकनीक और नवाचार, कनेक्टिविटी, रक्षा, हरित एवं समुद्री अर्थव्यवस्था और सॉफ्ट पावर शामिल हैं।
- बैंकिंग और फार्मा को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का लक्ष्य: पीएम मोदी ने कहा कि कम से कम एक भारतीय बैंक दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में शामिल होना चाहिए। साथ ही भारतीय कंपनियों को दुनिया की शीर्ष पांच फार्मा कंपनियों में जगह बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए।
- नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प: प्रधानमंत्री ने भारत को नक्सलवाद से मुक्त करने की बात कही। उन्होंने नक्सली मानसिकता को पहचानने और उसे अलग-थलग करने का आह्वान किया।
- व्यापक सिविल डिफेंस नेटवर्क: पीएम मोदी ने देश में एक व्यापक सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार करने की बात कही।
- महिला आरक्षण कानून के समर्थन की अपील: प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन करने की अपील की।
- युवाओं से सेल्फ-सेंसस में भाग लेने की अपील: पीएम मोदी ने युवाओं से रोजाना एक घंटा निकालकर ‘सेल्फ-सेंसस एन्यूमरेशन’ में योगदान देने का आग्रह किया।
आत्मनिर्भरता और युवा शक्ति को बनाया आधार
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के लिए यह अपना समय, अपना अवसर और अपना संकल्प पूरा करने का समय है। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, तकनीक, सुधार और राष्ट्रीय सुरक्षा को महत्वपूर्ण आधार बताया।
पीएम मोदी ने इस दौरान भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि विनिर्माण से लेकर तकनीक, रक्षा और ऊर्जा तक अलग-अलग क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाकर देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
Navyug Samachar