Saturday , 17 October 2026

SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, राहुल गांधी और INDIA गठबंधन की याचिका दूसरी याचिका से जुड़ी, 27 अक्टूबर को सुनवाई

नेशनल डेस्क: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम घटनाक्रम सामने आया है। अदालत ने राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं की ओर से दाखिल याचिका को पहले से लंबित एक अन्य याचिका के साथ जोड़ दिया है। अब दोनों मामलों पर 27 अक्टूबर को सुनवाई होगी। इस मामले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण, फॉर्म 6 और फॉर्म 7 के इस्तेमाल तथा चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कदम उठाया?

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं की याचिका को राकेश कुमार सिंह की ओर से पहले दाखिल याचिका के साथ जोड़ने का फैसला किया है। इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ कर रही है।

अदालत ने संबंधित मामले में नोटिस जारी किया है। अब दोनों याचिकाओं पर 27 अक्टूबर को एक साथ सुनवाई होगी। हालांकि, अभी इन याचिकाओं में लगाए गए आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

राहुल गांधी और INDIA गठबंधन ने किन मुद्दों पर उठाए सवाल?

INDIA गठबंधन के नेताओं की याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने फॉर्म 6 और फॉर्म 7 के इस्तेमाल के साथ-साथ चुनाव आयोग में सामूहिक रूप से निर्णय लेने की व्यवस्था को लेकर भी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इन प्रावधानों के इस्तेमाल और उनसे जुड़े फैसलों को लेकर उठाए गए सवाल इस मामले की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण रहेंगे।

याचिका में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। हालांकि, इन आपत्तियों पर अदालत का रुख आगे की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

फॉर्म 6 और फॉर्म 7 का क्या है काम?

मतदाता सूची से जुड़े फॉर्म 6 और फॉर्म 7 भी इस विवाद के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। फॉर्म 6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नया नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है। वहीं, फॉर्म 7 के जरिए मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है या निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम हटाने के लिए आवेदन किया जा सकता है।

INDIA गठबंधन के नेताओं ने अपनी याचिका में इन दोनों फॉर्म से जुड़ी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा, चुनाव आयोग के निर्णय लेने के तरीके और उसमें सामूहिक विचार-विमर्श की भूमिका को लेकर भी मुद्दे उठाए गए हैं।

एसआईआर के दौरान मतदाता सूची की जांच, नाम जोड़ने और नाम हटाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। इसी कारण इन फॉर्म के इस्तेमाल से संबंधित आपत्तियां इस मामले में अहम मानी जा रही हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों को लेकर भी याचिका

इस मामले से जुड़ी दूसरी याचिका राकेश कुमार सिंह की ओर से पहले दाखिल की गई थी। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित एकतरफा फैसलों को लेकर आपत्तियां जताई गई हैं। याचिका में ऐसे निर्णयों पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिन्हें अन्य चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बिना लिया गया बताया गया है।

ये आरोप याचिका में लगाए गए हैं और इन्हें अदालत का स्थापित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मामलों को एक साथ जोड़ दिया है, जिससे इनसे जुड़े मुद्दों पर एक साथ सुनवाई होगी।

27 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में दोनों याचिकाओं पर 27 अक्टूबर को सुनवाई निर्धारित की गई है। इसमें एसआईआर प्रक्रिया, फॉर्म 6 और फॉर्म 7 के इस्तेमाल तथा चुनाव आयोग की सामूहिक निर्णय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आगे की न्यायिक कार्यवाही होगी।

फिलहाल अदालत ने दोनों याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के लिए जोड़ते हुए नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों पर अदालत क्या रुख अपनाती है और मामले में आगे क्या निर्देश दिए जाते हैं, यह अगली सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा।

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