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Success Story: किसान की बेटी ने LLB के बाद रचा इतिहास, UPSC में 64वीं रैंक लाकर IAS बनीं मिशा सिंह, अब संभालेंगी शहडोल की कमान

मध्य प्रदेश डेस्क: मध्य प्रदेश कैडर की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह को शहडोल जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। किसान परिवार से आने वाली मिशा सिंह ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन के दम पर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की। एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और तीसरे प्रयास में 64वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी बनीं।

मिशा सिंह की सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं।

किसान परिवार में जन्म, शिक्षा को बनाया सफलता का आधार

मिशा सिंह का जन्म एक ग्रामीण किसान परिवार में हुआ। बचपन से ही उन्हें मेहनत, अनुशासन और संघर्ष का माहौल मिला। उनके पिता किसान हैं, लेकिन उन्होंने बेटी की पढ़ाई में किसी तरह की कमी नहीं आने दी।

मिशा पढ़ाई में हमेशा बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्रा रहीं। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कानून के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया और एलएलबी की डिग्री हासिल की।

वकालत से प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने का सफर

कानून की पढ़ाई के दौरान मिशा सिंह को समाज, न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को समझने का मौका मिला। इसी दौरान उनके मन में यह विचार आया कि प्रशासनिक सेवा के जरिए वह समाज के बड़े वर्ग तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर सकती हैं।

इसके बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और अपना पूरा ध्यान लक्ष्य हासिल करने पर केंद्रित कर दिया।

असफलताओं से सीख लेकर तीसरे प्रयास में हासिल की सफलता

यूपीएससी परीक्षा की तैयारी आसान नहीं थी। शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद मिशा सिंह ने अपनी कोशिश जारी रखी। उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना, तैयारी की रणनीति में बदलाव किया और उत्तर लेखन पर विशेष ध्यान दिया।

लगातार मेहनत और बेहतर रणनीति के दम पर उन्होंने वर्ष 2015 में अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की। इस परीक्षा में उन्हें 64वीं रैंक मिली और उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए हुआ।

मध्य प्रदेश कैडर में निभाई कई अहम जिम्मेदारियां

आईएएस बनने के बाद मिशा सिंह को मध्य प्रदेश कैडर मिला। अपने प्रशासनिक कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली।

वह रतलाम की जिला कलेक्टर और जबलपुर में एडीएम के पद पर भी सेवाएं दे चुकी हैं। प्रशासनिक अधिकारी के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में काम किया।

अब शहडोल की नई कलेक्टर बनीं मिशा सिंह

मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में आईएएस मिशा सिंह को शहडोल जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के बाद एक बार फिर उनकी सफलता की कहानी चर्चा में है।

ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रशासन के शीर्ष पद तक पहुंचने वाली मिशा सिंह का सफर यह संदेश देता है कि मेहनत, सही दिशा और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा

मिशा सिंह की कहानी बताती है कि सफलता के लिए पृष्ठभूमि नहीं बल्कि मेहनत, धैर्य और निरंतर प्रयास सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। उन्होंने साबित किया कि असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने वाले अभ्यर्थी कठिन से कठिन परीक्षा में भी सफलता हासिल कर सकते हैं।

 

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