
नेशनल डेस्क : पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच आगे बढ़ने के साथ कई सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले की कथित मास्टरमाइंड केतन की मंगेतर सिया थी, जो शादी को एक साल तक टालना चाहती थी। जब परिवार उसकी इस मांग पर सहमत नहीं हुआ तो उसने कथित तौर पर अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की मदद से इस मामले की परत-दर-परत सच्चाई सामने आई। शुरुआत में यह मामला ट्रेकिंग के दौरान हुए हादसे जैसा लग रहा था, लेकिन जांच में कई ऐसे तथ्य मिले जिन्होंने पुलिस का शक गहरा दिया।
एक साल तक शादी टालना चाहती थी सिया
जांच के दौरान केतन के परिजनों ने पुलिस को बताया कि सिया ने शादी को लेकर पहले भी आपत्ति जताई थी। उसने परिवार से विवाह को एक साल के लिए आगे बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि घटना से पहले सिया कई बार केतन को लोहागढ़ किले चलने के लिए कह चुकी थी। 31 मई को वह केतन को वहां लेकर गई थी। इसके बाद 4 जून को भी उसने दोबारा वहां जाने की जिद की, लेकिन उस समय केतन की मां ने अनुमति नहीं दी थी।
प्री-वेडिंग शूट से पहले गायब हुआ पासपोर्ट
परिवार के मुताबिक केतन और सिया प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि यात्रा से ठीक पहले केतन का पासपोर्ट रहस्यमय तरीके से गायब हो गया, जिसके कारण पूरी योजना रद्द करनी पड़ी। परिजनों को आशंका है कि इस घटना के पीछे भी सिया की भूमिका हो सकती है।
पहली कोशिश में बच गया था केतन
बाली यात्रा रद्द होने के बाद सिया ने फिर से 14 जून को केतन को लोहागढ़ चलने के लिए राजी किया। पुलिस जांच में सामने आया कि उस दिन कथित तौर पर उसे चट्टान से धक्का देने की कोशिश की गई थी। हालांकि केतन झाड़ी पकड़कर खुद को बचाने में सफल रहा।
बताया गया कि जब केतन ने धक्का देने की वजह पूछी तो सिया ने वहां सांप होने की बात कहकर उसे गले लगा लिया और यह जताने की कोशिश की कि वह उसकी मदद कर रही थी।
चार दिन बाद 400 फीट गहरी खाई में धकेलने का आरोप
पुलिस के अनुसार पहली कोशिश नाकाम रहने के बाद चार दिन बाद सिया एक बार फिर केतन को लोहागढ़ किले लेकर पहुंची। जांच में सामने आया कि इस बार कथित तौर पर सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को लगभग 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हुडी पहने युवक ने बढ़ाया पुलिस का शक
जांच अधिकारियों के मुताबिक 18 जून को जब सिया और केतन लोहागढ़ किले पहुंचे तो उनके पीछे कुछ दूरी पर एक युवक चलता दिखाई दिया। हैरानी की बात यह थी कि लगभग 33 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद वह पूरी बाजू की हुडी पहनकर चल रहा था।
टिकट काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरों में यह व्यक्ति लगातार सिया और केतन के पीछे दिखाई दिया। उसकी गतिविधियां पुलिस को असामान्य लगीं, जिसके बाद मामले की गहराई से जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी फुटेज से खुलती गई साजिश की परतें
पुलिस ने जब फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया तो पाया कि संदिग्ध युवक ने हुडी को इस तरह नीचे खींच रखा था कि उसका चेहरा साफ दिखाई नहीं दे रहा था। उसने ऊपर से हेडसेट भी पहन रखा था।
एक अन्य फुटेज में सिया अचानक पीछे मुड़कर देखती है और उसी समय वह युवक नीचे बैठ जाता है। इस व्यवहार ने जांच टीम का शक और मजबूत कर दिया।
सात महीने में 2004 कॉल, 238 घंटे बातचीत
शक के आधार पर पुलिस ने सिया की कॉल डिटेल खंगाली। जांच में पता चला कि उसने पिछले सात महीनों के दौरान एक व्यक्ति से 2004 बार फोन पर बातचीत की थी। दोनों के बीच कुल 238 घंटे तक बातचीत हुई थी।
फोन नंबर की जांच करने पर जिस व्यक्ति की पहचान सामने आई, उसकी कद-काठी और चाल-ढाल सीसीटीवी में दिखे हुडी वाले युवक से मेल खाती थी। बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई।
कॉल रिकॉर्ड से सामने आई कथित मिलीभगत
पुलिस ने चेतन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो मामले की कई अहम कड़ियां जुड़ती चली गईं। जांच एजेंसियों का दावा है कि कॉल रिकॉर्ड और पूछताछ से सिया और चेतन की कथित मिलीभगत वाली सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ।
भागकर शादी नहीं करना चाहती थी सिया
पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे सिया और चेतन के रिश्ते तथा केतन से विवाह को लेकर उसकी अनिच्छा प्रमुख वजह के रूप में सामने आई है।
पूछताछ के दौरान जब चेतन से पूछा गया कि उसने सिया के साथ भागने के बजाय हत्या का रास्ता क्यों चुना, तो उसने कथित तौर पर बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता था कि ऐसा करने से उसके परिवार की बदनामी और अपमान होगा।
Navyug Samachar