Tuesday , 27 October 2026

घर का मुख्य दरवाजा बना सकता है किस्मत या बढ़ा सकता है परेशानियां! जानिए वास्तु के ये अहम नियम

नई दिल्ली : वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि मुख्य दरवाजा केवल घर में प्रवेश का मार्ग नहीं होता, बल्कि यहीं से सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी का आगमन भी होता है। इसलिए घर बनवाते या खरीदते समय मुख्य द्वार की दिशा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

मुख्य द्वार का वास्तु से है सीधा संबंध

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर का मुख्य द्वार सही दिशा में होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। वहीं गलत दिशा या वास्तु दोष होने पर जीवन में आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।

किस दिशा का मुख्य द्वार माना जाता है सबसे शुभ?

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर का मुख्य द्वार उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में होना शुभ माना जाता है। इसके अलावा पश्चिम दिशा के मध्य भाग में स्थित प्रवेश द्वार भी शुभ फलदायी माना गया है। मान्यता है कि ऐसी दिशा में बना मुख्य द्वार घर में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि मुख्य दरवाजा न तो बहुत छोटा होना चाहिए और न ही आवश्यकता से अधिक बड़ा। इसका आकार घर के अनुपात के अनुसार होना चाहिए।

रसोईघर की दिशा भी मानी जाती है महत्वपूर्ण

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर की बरकत का संबंध रसोईघर से भी जुड़ा होता है। रसोईघर का प्रवेश द्वार उत्तर, पश्चिम या दक्षिण-पूर्व दिशा में होना शुभ माना जाता है। इनमें उत्तर और पश्चिम दिशा को अधिक सकारात्मक माना गया है, जबकि दक्षिण-पूर्व दिशा अग्नि तत्व की दिशा होने के कारण रसोई के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

मुख्य द्वार पर क्या लगाना शुभ माना जाता है?

वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार पर तुलसी की सूखी जड़, नमक की पोटली, मंगल कलश या आम के पत्तों का वंदनवार लगाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और घर में सुख-शांति तथा समृद्धि का वातावरण बना रहता है।

मुख्य द्वार के पास भूलकर भी न रखें ये चीजें

वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्य द्वार के आसपास हमेशा साफ-सफाई बनाए रखनी चाहिए। दरवाजे के सामने कूड़ा-कचरा, पत्थर, मलबा या गंदा पानी नहीं होना चाहिए। मान्यता है कि ऐसी स्थिति घर में नकारात्मकता और आर्थिक परेशानियों का कारण बन सकती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरा और व्यवस्थित मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का मार्ग बनता है और घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

 

Check Also

करवा चौथ पर छलनी से ही क्यों देखती हैं महिलाएं चांद और पति का चेहरा? जानिए इस परंपरा का धार्मिक महत्व

धर्म डेस्क: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस …