मनोरंजन डेस्क: क्रिस्टोफर नोलन की बहुप्रतीक्षित हॉलीवुड फिल्म ‘द ओडिसी’ शुक्रवार को यूके में रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म प्राचीन ग्रीक कवि होमर की प्रसिद्ध महाकाव्य कविता पर आधारित है। ‘ओपेनहाइमर’ के बाद नोलन की यह पहली फिल्म है, जिसे लेकर दुनियाभर में काफी उत्साह है। फिल्म में मैट डेमन, ज़ेंडाया, टॉम हॉलैंड, रॉबर्ट पैटिनसन, ऐनी हैथवे, चार्लीज़ थेरॉन और लुपिता न्योंगो जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की स्टार कास्ट ने भारत सहित कई देशों में इसका जोरदार प्रचार भी किया है।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी ट्रोजन युद्ध के बाद अपने घर लौटने की कोशिश कर रहे ओडीसियस के संघर्ष पर आधारित है। मैट डेमन ने ओडीसियस की भूमिका निभाई है, जो युद्ध में जीत के बाद अपने राज्य इथाका लौटने के लिए निकलता है, लेकिन उसकी यह यात्रा उम्मीद से कहीं ज्यादा कठिन और खतरनाक साबित होती है।
करीब 20 साल बीत जाने के बाद ओडीसियस को मृत मान लिया जाता है। इस दौरान 108 दावेदारों का एक समूह, जिसका नेतृत्व एंटिनस के किरदार में रॉबर्ट पैटिनसन कर रहे हैं, शाही महल पर कब्जा कर लेता है और ओडीसियस की पत्नी पेनेलोप पर नया पति चुनने का दबाव बनाता है। वहीं उनका बेटा टेलीमाकस अपने पिता की तलाश में एक जोखिम भरी यात्रा पर निकल पड़ता है। आखिर ओडीसियस जीवित है या नहीं, इसका जवाब जानने के लिए पूरी फिल्म देखनी होगी।
कैसी है फिल्म?
फिल्म की कहानी प्रभावशाली है और कई ऐसे विषयों को सामने लाती है, जो आज भी प्रासंगिक माने जाते हैं। क्रिस्टोफर नोलन की पटकथा दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखती है। खासतौर पर फिल्म के अंतिम 20 मिनट को बेहद दमदार बताया गया है, जहां कहानी अपने चरम पर पहुंचती है। क्लाइमैक्स में आने वाले घटनाक्रम दर्शकों को बांधे रखते हैं और भारतीय दर्शकों को भी यह हिस्सा काफी पसंद आ सकता है।
फिल्म की कमजोर कड़ी क्या है?
फिल्म की शुरुआत के करीब 20 मिनट कुछ दर्शकों को थोड़ी जटिल लग सकती है। कई किरदारों, उनके उद्देश्यों और घटनाक्रम को समझने में समय लगता है। हालांकि, जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, फिल्म अपनी पकड़ मजबूत करती जाती है।
फिल्म युद्ध के प्रभाव और उसके मानवीय पहलुओं को भी सामने लाती है। बिना किसी उपदेशात्मक अंदाज के यह दर्शकों को युद्ध के परिणामों और उसके सामाजिक प्रभावों पर सोचने के लिए प्रेरित करती है।
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