Monday , 5 October 2026

‘मेरी स्पीच के बाद मंच को शुद्ध किया गया’… खरगे के आरोप पर गरमाई सियासत, नड्डा बोले- BJP का कोई संबंध नहीं

हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ का मामला अब राज्यसभा तक पहुंच गया है। गुरुवार 13 अगस्त को मानसून सत्र के दौरान खरगे ने सदन में आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद भाजपा से जुड़े लोगों ने हवन कर मंच का शुद्धिकरण किया। उन्होंने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। भाजपा की ओर से जगत प्रकाश नड्डा ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा ऐसे किसी काम में शामिल नहीं होती।

राज्यसभा में खरगे ने उठाया मंच के शुद्धिकरण का मुद्दा

मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में अपने भाषण के बाद मंच की सफाई और शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वह रामलीला मैदान के मंच पर भाषण देने पहुंचे थे, जहां लाखों लोग मौजूद थे। खरगे के मुताबिक, उन्होंने अपने संबोधन में किसी समाज या धर्म का नाम नहीं लिया, बल्कि लोगों की समस्याओं को सामने रखा।

खरगे ने आरोप लगाया कि उनके भाषण के समाप्त होने के बाद भाजपा से जुड़े लोगों ने हवन कर मंच का शुद्धिकरण किया। इस दौरान सभापति सीपी राधाकृष्णन उन्हें समझाते हुए नजर आए। वहीं, इस मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने सदन में जमकर हंगामा किया।

नड्डा ने कहा- भाजपा ऐसे किसी काम में शामिल नहीं

खरगे के आरोपों पर भाजपा सांसद जगत प्रकाश नड्डा ने राज्यसभा में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि खरगे ने जो बात सदन में कही है, वह दुखदायी विषय है। नड्डा ने स्पष्ट किया कि भाजपा कभी भी इस तरह के काम में शामिल नहीं होती।

नड्डा ने कहा कि जब खरगे ने इस मामले का उल्लेख किया है तो इसकी तहकीकात की जाएगी। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यदि इस मामले से खरगे की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो यह सभी के लिए खेद का विषय है।

8 अगस्त को हल्द्वानी पहुंचे थे मल्लिकार्जुन खरगे

दरअसल, मल्लिकार्जुन खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित विजय शंखनाद रैली को संबोधित किया था। उनके भाषण के दो दिन बाद यानी 10 अगस्त को स्थानीय धार्मिक संगठन श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से रामलीला मैदान में हवन और पूजन कराया गया।

समिति के सचिव राम अवस्थी के नेतृत्व में हुए इस हवन को लेकर संगठन के सदस्य गिरीश चंद्र पांडे ने दावा किया कि कांग्रेस की सभा के दौरान कुछ इस्लामिक नारे लगाए गए थे और हिंदू संगठनों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं।

धार्मिक गरिमा बहाल करने का दिया गया तर्क

श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से कहा गया कि रामलीला मैदान की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा की पुनर्स्थापना के उद्देश्य से शुद्धि हवन यज्ञ कराया गया। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है।

समिति के सदस्यों के मुताबिक, रामलीला मैदान एक धार्मिक स्थल है और इसका इस्तेमाल राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। आयोजकों ने यह भी कहा कि हवन का उद्देश्य किसी समुदाय के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं था।

कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

इस मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर ‘शुद्धिकरण’ यज्ञ कराया गया। उनका कहना है कि ऐसा किया जाना मल्लिकार्जुन खरगे के साथ-साथ पूरे अनुसूचित जाति समाज का अपमान है।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने पार्टी से संबंध होने से किया इनकार

मामले पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने पार्टी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि शुद्धिकरण यज्ञ से भाजपा का कोई संबंध नहीं है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। पार्टी का कहना है कि किसी निजी संगठन की ओर से आयोजित कार्यक्रम को भाजपा से जोड़ना उचित नहीं है।

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खरगे के भाषण के बाद हुए हवन और कथित शुद्धिकरण को लेकर अब सियासी विवाद राज्यसभा तक पहुंच चुका है। खरगे ने जहां इस घटना पर नाराजगी जताई है, वहीं भाजपा ने किसी भी तरह की भूमिका से इनकार करते हुए मामले की तहकीकात की बात कही है।

 

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