Saturday , 24 October 2026

यूनिवर्स ब्रेसलेट में छिपी है कोई रहस्यमयी शक्ति या सिर्फ फैशन का नया ट्रेंड? पहनने से पहले जान लें ये जरूरी नियम

लाइफस्टाइल डेस्क: आज के दौर में ब्रेसलेट पहनना युवाओं के बीच सिर्फ फैशन का हिस्सा नहीं रह गया है, बल्कि यह अब व्यक्तित्व और स्टाइल स्टेटमेंट से भी जुड़ चुका है। इसी बीच यूनिवर्स ब्रेसलेट लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। दावा किया जाता है कि यह हीलिंग स्टोन्स और क्रिस्टल से तैयार किया जाता है और इसे सकारात्मक ऊर्जा व आध्यात्मिक संतुलन का प्रतीक माना जाता है।

कई लोग इसे केवल आकर्षक एक्सेसरी के तौर पर पहनते हैं, वहीं ज्योतिष और आध्यात्मिक मान्यताओं में इसे ऊर्जा से जुड़ा हुआ माना जाता है। मान्यता है कि सही नियमों के साथ इसे धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि इसके प्रभावों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।

यूनिवर्स ब्रेसलेट पहनने से पहले शुद्धिकरण को माना जाता है जरूरी

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यूनिवर्स ब्रेसलेट को पहनने से पहले उसका शुद्धिकरण करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इसे गंगाजल से शुद्ध करने के बाद कम से कम 11 बार ‘ॐ’ का उच्चारण करना चाहिए। मान्यता है कि इस प्रक्रिया के बाद ब्रेसलेट को धारण करना अधिक शुभ माना जाता है।

किस हाथ में पहनें यूनिवर्स ब्रेसलेट, उद्देश्य के हिसाब से बदलती है मान्यता

यूनिवर्स ब्रेसलेट किस हाथ में पहना जाए, इसे लेकर भी अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं। आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि इसे सकारात्मक ऊर्जा को ग्रहण करने के उद्देश्य से पहना जा रहा है तो बाएं हाथ में पहनने की सलाह दी जाती है।

वहीं, यदि इसे सुरक्षा या नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के उद्देश्य से धारण किया जा रहा है तो दाहिने हाथ में पहनना शुभ माना जाता है।

इन परिस्थितियों में ब्रेसलेट उतारने की दी जाती है सलाह

आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार यूनिवर्स ब्रेसलेट को पहनने वाले व्यक्ति को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। कहा जाता है कि मांस-मदिरा का सेवन करते समय, स्नान करते समय और सोते समय इसे उतार देना चाहिए।

इसके अलावा मान्यता है कि इसे किसी दूसरे व्यक्ति को पहनने या बार-बार छूने नहीं देना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से इसकी सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। हालांकि इन मान्यताओं के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

क्या सातों चक्रों को संतुलित करने में मदद करता है यूनिवर्स ब्रेसलेट?

क्रिस्टल हीलिंग से जुड़ी मान्यताओं में कहा जाता है कि यूनिवर्स ब्रेसलेट शरीर के सात ऊर्जा चक्रों को संतुलित करने में सहायक हो सकता है। मान्यता है कि चक्रों के संतुलित होने से मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन बेहतर हो सकता है।

हालांकि यह पूरी तरह आध्यात्मिक विश्वास का विषय है और वैज्ञानिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने से जुड़ी हैं कई मान्यताएं

कई लोगों का मानना है कि यूनिवर्स ब्रेसलेट पहनने से वे खुद को ज्यादा ऊर्जावान महसूस करते हैं और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाने में मदद मिलती है। कुछ लोग इसे आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के प्रतीक के रूप में भी धारण करते हैं।

क्या यूनिवर्स ब्रेसलेट से जुड़ा है धन और सम्मान का संबंध?

ज्योतिषीय मान्यताओं में कहा जाता है कि यदि यूनिवर्स ब्रेसलेट को श्रद्धा और निर्धारित नियमों के साथ पहना जाए तो जीवन में समृद्धि, मान-सम्मान और सकारात्मक अवसरों की प्राप्ति हो सकती है।

हालांकि इन दावों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है और इन्हें धार्मिक व आध्यात्मिक विश्वास के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

पहनने से पहले जान लें यह जरूरी बात

यूनिवर्स ब्रेसलेट से जुड़े ज्यादातर फायदे धार्मिक, ज्योतिषीय और आध्यात्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं किया गया है। ऐसे में इसे आस्था, सकारात्मक सोच और व्यक्तिगत विश्वास के रूप में अपनाया जा सकता है, लेकिन किसी निश्चित परिणाम की गारंटी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

 

Check Also

International Kullu Dussehra 2026: कुल्लू दशहरे में जुटेंगे 347 देवी-देवता, 7 दिन तक चलेगा भव्य उत्सव; जानिए 16वीं सदी से जुड़ी अनोखी परंपरा

नेशनल डेस्क: देश के ज्यादातर हिस्सों में विजयादशमी के दिन रावण दहन के साथ दशहरे …