
यूपी डेस्क: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली अहम बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद और पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के बाद अब ट्रस्ट में नए महासचिव के चयन को लेकर चर्चा तेज है। सूत्रों के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल बागड़ा का नाम इस पद की दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा बैठक के बाद ही होगी।
आज की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा
राम मंदिर परिसर और इसके बाद मणिराम छावनी में प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों पर विचार किया जाएगा। बैठक के एजेंडे में नए महासचिव की नियुक्ति, ट्रस्ट के तीन रिक्त पदों को भरना और पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना शामिल है।
इसके अलावा मंदिर में दान राशि की गिनती की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
चंपत राय के इस्तीफे के बाद खाली हुआ था महासचिव का पद
चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। वहीं, ट्रस्टी अनिल मिश्रा के पद छोड़ने और ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद ट्रस्ट में तीन पद रिक्त हो गए। फिलहाल कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पिछली बैठक में बीएल बागड़ा और बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दानोदिया के नामों पर चर्चा हुई थी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी थी। इस बार बीएल बागड़ा का नाम सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
रिक्त ट्रस्टी पदों के लिए कई नाम चर्चा में
ट्रस्ट के खाली पदों को लेकर भी कई प्रमुख नामों पर विचार किया जा रहा है। इनमें अयोध्या राजपरिवार से दिवंगत बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के पुत्र और साहित्यकार यतींद्र मोहन मिश्र का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।
इसके अलावा हनुमन्निवास के महंत आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, मणिरामदास जी की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयनदास, श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी महंत राजकुमार दास, रंगमहल पीठाधीश्वर महंत रामशरणदास, डॉ. रामानंददास और जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं।
चढ़ावा विवाद के बाद जांच पर भी रहेगी नजर
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल का गठन कर जांच शुरू की थी। इस मामले में पुलिस अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। माना जा रहा है कि जांच की प्रगति और आगे की कार्रवाई को लेकर भी ट्रस्ट की बैठक में चर्चा हो सकती है।
Navyug Samachar