
यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए शामिल किए गए और पदोन्नत मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। सरकार के दूसरे कैबिनेट विस्तार के बाद यह जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस विस्तार में दो कैबिनेट मंत्रियों और चार राज्य मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था, जबकि दो राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार के साथ पदोन्नत किया गया।
भूपेंद्र चौधरी को मिला एमएसएमई विभाग
नवनियुक्त कैबिनेट मंत्रियों में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मनोज कुमार पांडे को खाद्य एवं रसद विभाग का प्रभार सौंपा गया है।
स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को मिली नई जिम्मेदारियां
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए अजीत पाल सिंह को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के साथ राजनीतिक पेंशन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
वहीं, सोमेंद्र तोमर को सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चार नए राज्य मंत्रियों के विभाग भी तय
योगी सरकार ने मंत्रिमंडल में शामिल किए गए चार नए राज्य मंत्रियों के विभागों का भी आवंटन कर दिया है।
कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
सुरेंद्र दिलेर को राजस्व विभाग सौंपा गया है।
हंसराज विश्वकर्मा को एमएसएमई विभाग से संबद्ध किया गया है।
कैलाश राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
प्रशासनिक और राजनीतिक संतुलन पर सरकार का फोकस
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों के इस बंटवारे को सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और राजनीतिक संतुलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए मंत्रियों और पदोन्नत नेताओं को उनकी संगठनात्मक भूमिका और अनुभव के आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। माना जा रहा है कि इससे सरकार की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में प्रयास किया गया है।
Navyug Samachar