
यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत मुफ्त राशन योजना का दायरा लगातार व्यापक बना हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गरीब कल्याण और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, प्रदेश के सभी 75 जिलों में 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को हर महीने मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। तकनीक आधारित निगरानी और पारदर्शी वितरण व्यवस्था के चलते सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावी ढंग से संचालित हो रही है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि डिजिटल तकनीक, आधार आधारित प्रमाणीकरण और समयबद्ध वितरण व्यवस्था के जरिए पात्र परिवारों तक नियमित रूप से खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है। इससे जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई है।
इन 10 जिलों में सबसे ज्यादा लाभार्थी
खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रयागराज राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के सबसे अधिक लाभार्थियों वाला जिला है, जहां 42.10 लाख से अधिक लोग योजना का लाभ ले रहे हैं। इसके बाद जौनपुर में 34.93 लाख से अधिक, सीतापुर में 34.05 लाख से अधिक, आजमगढ़ में 33.41 लाख से अधिक, बरेली में 31.69 लाख से अधिक, हरदोई में 31.32 लाख से अधिक, लखीमपुर खीरी में 31.18 लाख से अधिक, गोरखपुर में 31.03 लाख से अधिक, आगरा में 30.68 लाख से अधिक और लखनऊ में 30.10 लाख से अधिक लाभार्थियों को नियमित रूप से मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इन 10 जिलों में ही तीन करोड़ से अधिक लोग इस योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
तकनीक से पारदर्शी बनी राशन वितरण प्रणाली
प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए ई-पीओएस मशीनों के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण की व्यवस्था लागू की है। इसके साथ ही ऑनलाइन निगरानी, डिजिटल रिकॉर्ड और नियमित निरीक्षण के जरिए राशन वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया गया है। इससे पात्र लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने के साथ वितरण व्यवस्था में जवाबदेही भी बढ़ी है।
गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर सरकार का फोकस
प्रदेश सरकार की नीतियों का केंद्र गरीब, श्रमिक, किसान और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार हैं। खाद्य सुरक्षा को सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए सरकार यह सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है कि किसी भी पात्र परिवार को खाद्यान्न के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी राशन वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।
बिना भेदभाव पात्र परिवारों तक पहुंच रहा लाभ
खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार भूखा न रहे और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी योजना का लाभ बिना किसी भेदभाव के पहुंचे। इसी उद्देश्य से राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है, ताकि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके और उनकी खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
Navyug Samachar