
यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गया है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है और आज 5 अक्टूबर हो चुका है। ऐसे में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों की नजरें एक-दूसरे की रणनीति पर टिकी हैं। बीजेपी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, जबकि सपा दो प्रत्याशियों के नाम घोषित कर चुकी है और तीसरे उम्मीदवार को लेकर अब भी तस्वीर साफ नहीं है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बीजेपी आज अपने उम्मीदवारों के नाम सामने लाएगी और क्या सपा भी तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारने का फैसला करेगी? क्योंकि नामांकन की आखिरी तारीख में अब सिर्फ एक दिन बचा है।
बीजेपी ने अब तक क्यों नहीं खोले अपने पत्ते?
राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। हालांकि पार्टी की ओर से कई नामांकन पत्र खरीदे जा चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी की तरफ से 9 नामांकन पत्र खरीदे गए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने चार पर्चे खरीदे हैं।
राजनीतिक हलकों में इसे सिर्फ देरी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि बीजेपी और सपा दोनों ही एक-दूसरे के अगले कदम पर नजर रखे हुए हैं। बीजेपी यह देखना चाहती है कि सपा तीसरा उम्मीदवार उतारती है या नहीं। वहीं सपा की नजर भी इस बात पर है कि बीजेपी अतिरिक्त उम्मीदवार उतारकर चुनाव को मुकाबले में बदलती है या नहीं।
यही वजह है कि 5 अक्टूबर का दिन राज्यसभा चुनाव की रणनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
सपा के दो नाम तय, तीसरे उम्मीदवार पर अभी भी सस्पेंस
समाजवादी पार्टी रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार बना चुकी है और दोनों नामांकन भी दाखिल कर चुके हैं। लेकिन तीसरे प्रत्याशी के नाम पर पार्टी ने अभी अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है।
तीसरी सीट के लिए सपा को अपने मौजूदा संख्या बल से अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में तीसरा उम्मीदवार उतारना केवल नाम की घोषणा का मामला नहीं होगा, बल्कि इसके पीछे वोटों का पूरा गणित और संभावित क्रॉस वोटिंग भी अहम भूमिका निभा सकती है।
रिपोर्टों के मुताबिक सपा के भीतर तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने को लेकर चर्चा जारी है। दूसरी तरफ बीजेपी भी अतिरिक्त सीट के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी है।
10वीं सीट पर क्यों अटका पूरा चुनावी गणित?
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होना है। विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के आधार पर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की सात सीटों पर स्थिति मजबूत बताई जा रही है, जबकि सपा गठबंधन के लिए दो सीटों का गणित अनुकूल है। ऐसे में 10वीं सीट पर ही मुकाबले की स्थिति बन सकती है।
बीजेपी के सामने अब केवल उम्मीदवारों के नाम तय करने का सवाल नहीं है, बल्कि यह भी अहम है कि क्या पार्टी आठवें उम्मीदवार को मैदान में उतारकर 10वीं सीट के लिए मुकाबला खड़ा करेगी।
अगर बीजेपी अतिरिक्त उम्मीदवार उतारती है और सपा भी तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतार देती है तो चुनाव सीधे मुकाबले में बदल सकता है। ऐसी स्थिति में दोनों दलों को अपने अतिरिक्त वोटों के साथ दूसरे खेमे से संभावित समर्थन और क्रॉस वोटिंग की संभावना पर भी नजर रखनी होगी।
बीजेपी के सामने दो विकल्प, किस दांव पर लगेगी मुहर?
बीजेपी के सामने मोटे तौर पर दो विकल्प दिखाई दे रहे हैं। पहला, अपने संख्या बल के हिसाब से सुरक्षित सीटों पर ही उम्मीदवार उतारे जाएं और अतिरिक्त सीट के लिए जोखिम न लिया जाए। दूसरा, अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में उतारकर 10वीं सीट को चुनावी मुकाबले में बदला जाए।
इसी रणनीतिक स्थिति के कारण उम्मीदवारों के नामों को लेकर आखिरी वक्त तक सस्पेंस बना हुआ है। कुछ रिपोर्टों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई नामों की चर्चा है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
6 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख, फिर क्या होगा?
राज्यसभा चुनाव के लिए 6 अक्टूबर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 16 अक्टूबर को होगा।
ऐसे में 5 अक्टूबर बीजेपी और सपा दोनों के लिए अपनी रणनीति स्पष्ट करने के लिहाज से बेहद अहम दिन बन गया है।
अगर बीजेपी आज उम्मीदवारों की सूची जारी करती है तो काफी हद तक साफ हो जाएगा कि पार्टी कितने प्रत्याशी मैदान में उतार रही है। इसके बाद सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
अब सबसे बड़ा सवाल 10वीं सीट का
क्या बीजेपी आज अपने राज्यसभा उम्मीदवारों का ऐलान कर 10वीं सीट पर मुकाबले का रास्ता खोलेगी? क्या अखिलेश यादव तीसरे उम्मीदवार के नाम का ऐलान करेंगे?
और सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राज्यसभा चुनाव में 10वीं सीट के लिए बीजेपी और सपा आमने-सामने उतरेंगी या आखिरी वक्त में दोनों दल अपने-अपने सुरक्षित चुनावी गणित तक सीमित रहेंगे?
नामांकन की अंतिम तारीख से ठीक एक दिन पहले यूपी की सियासत में अब नजरें बीजेपी के पत्ते खुलने और सपा के तीसरे दांव पर टिकी हैं।
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