Monday , 5 October 2026

BRICS मंच पर यूपी का दमदार प्रदर्शन! 96 लाख MSME इकाइयों के साथ बना देश की ‘एमएसएमई राजधानी’

लखनऊ डेस्क : वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत की बढ़ती ताकत और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र की संभावनाओं को नई दिशा देने के उद्देश्य से आगरा में आयोजित ब्रिक्स-इंडिया 2026 के तहत ब्रिक्स एमएसएमई फोरम और तीसरे ब्रिक्स एमएसएमई वर्किंग ग्रुप की दो दिवसीय बैठक का भव्य आगाज हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तर प्रदेश ने अपने एमएसएमई मॉडल, रोजगार सृजन और वैश्विक व्यापार रणनीति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

ताजगंज स्थित ताज एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों को दुनिया के सामने रखा और निवेश, नवाचार तथा वैश्विक साझेदारी के नए अवसरों पर जोर दिया।

96 लाख से अधिक इकाइयों के साथ यूपी बना एमएसएमई का सबसे बड़ा केंद्र

सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा जनपद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश की एमएसएमई राजधानी के रूप में तेजी से उभर रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान समय में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हो रही हैं, जो करीब 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। प्रदेश सरकार एमएसएमई क्षेत्र को केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का प्रमुख आधार मानती है।

ब्रिक्स देशों के साथ 5.36 अरब डॉलर से अधिक का व्यापार

भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के साथ प्रदेश का कुल निर्यात 5.36 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से मशीनरी, रेडीमेड परिधान, चमड़ा उत्पाद, कालीन और बहुमूल्य पत्थरों का निर्यात दुनिया के विभिन्न देशों में किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की औद्योगिक पहचान और मजबूत हुई है।

ओडीओपी योजना से स्थानीय उत्पादों को मिली वैश्विक पहचान

कार्यक्रम में प्रदेश की बहुचर्चित ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना की सफलता भी प्रमुखता से रखी गई। मंत्री ने बताया कि इस योजना ने स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि योजना के तहत अब तक 20 हजार से अधिक लाभार्थियों को लगभग 897 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी उपलब्ध कराई गई है, जिससे 3.16 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से लाखों शिल्पकारों को मिला सहारा

प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से 4.41 लाख पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया है। इससे स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यवसायों को नई ऊर्जा मिली है।

युवाओं के लिए बिना गारंटी ऋण की सुविधा

युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किए गए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की भी चर्चा की गई। इस योजना के तहत युवाओं को बिना गारंटी के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 10 लाख नई सूक्ष्म औद्योगिक इकाइयों की स्थापना कर रोजगार और उद्यमिता को नई ऊंचाई देना है।

12 जिलों में विकसित होंगे एमएसएमई पार्क

उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्लेज योजना के तहत प्रदेश के 12 जिलों में एमएसएमई पार्क स्वीकृत किए जा चुके हैं। इन पार्कों के माध्यम से उद्यमियों को आधुनिक औद्योगिक वातावरण और बेहतर कारोबारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मेलन का शुभारंभ

इस महत्वपूर्ण बैठक का शुभारंभ भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने देश में एमएसएमई क्षेत्र की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से विचार रखे।

बैठक के दूसरे दिन ब्रिक्स देशों से आए प्रतिनिधिमंडल आगरा की ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण करेंगे और भारतीय संस्कृति एवं विरासत से परिचित होंगे।

 

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