Thursday , 1 October 2026

World Coffee Day: ब्लैक कॉफी का बढ़ा ट्रेंड, लेकिन दूध मिलाकर पीना कितना सही? डॉक्टर ने बताया पूरा सच

नेशनल डेस्क: कॉफी पीने का चलन लंबे समय से लोगों के बीच है, लेकिन इन दिनों ब्लैक कॉफी को लेकर खासा क्रेज देखने को मिल रहा है. फिटनेस और वजन को लेकर जागरूक लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी ब्लैक कॉफी को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कॉफी में दूध मिलाकर पी जाए तो क्या इससे शरीर को नुकसान हो सकता है? क्या दूध वाली कॉफी गैस और एसिडिटी की वजह बनती है? आइए जानते हैं डायटिशियन की राय.

कॉफी आमतौर पर दो तरीकों से ज्यादा पी जाती है. इसे गर्म पानी में घोलकर ब्लैक कॉफी के तौर पर लिया जाता है या फिर दूध के साथ तैयार करके पिया जाता है. कॉफी में मौजूद कैफीन के कारण इसे पीने के बाद कुछ समय के लिए शरीर ज्यादा सतर्क और सक्रिय महसूस कर सकता है. यही वजह है कि फिटनेस के क्षेत्र में भी ब्लैक कॉफी का चलन तेजी से बढ़ा है.

क्या दूध वाली कॉफी नुकसानदायक है?

सीनियर डायटिशियन पायल दत्त, कैलाश दीपक हॉस्पिटल के मुताबिक, दूध मिलाकर पी जाने वाली कॉफी अपने आप में नुकसानदायक नहीं होती. अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति दिन में एक या दो कप कॉफी लेता है और उसमें दूध की मात्रा सीमित रखता है तथा चीनी कम डालता है, तो आमतौर पर इसे ठीक माना जा सकता है.

दूध मिलाने से कॉफी में प्रोटीन और कैल्शियम भी शामिल हो जाते हैं. इसलिए केवल कॉफी में दूध मिलाने की वजह से उसे अस्वस्थ विकल्प मानना सही नहीं है.

किन लोगों को हो सकती है परेशानी?

कॉफी में समस्या तब बढ़ सकती है जब उसमें ज्यादा चीनी, क्रीम या सिरप का इस्तेमाल किया जाए. इसके अलावा दिनभर में कई कप कॉफी पीने से शरीर में कैलोरी और चीनी की मात्रा बढ़ सकती है.

कुछ लोगों को दूध पचाने में परेशानी होती है. ऐसे लोगों को दूध वाली कॉफी पीने के बाद गैस, पेट फूलने या पेट में असहजता जैसी समस्या महसूस हो सकती है. इसलिए हर व्यक्ति पर कॉफी का असर एक जैसा नहीं होता.

ब्लैक कॉफी क्यों हो रही है इतनी लोकप्रिय?

ब्लैक कॉफी के बढ़ते चलन के पीछे फिटनेस और वजन को लेकर बढ़ती जागरूकता भी एक बड़ी वजह है. बिना चीनी और क्रीम वाली ब्लैक कॉफी में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है. वहीं, इसमें मौजूद कैफीन कुछ समय के लिए व्यक्ति को अधिक सतर्क और सक्रिय महसूस करा सकता है.

इसी वजह से जिम और फिटनेस से जुड़े लोगों के बीच ब्लैक कॉफी को ज्यादा पसंद किया जा रहा है. सोशल मीडिया ने भी इसके चलन को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है. अब ब्लैक कॉफी सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि एक तरह का फिटनेस ट्रेंड और जीवनशैली का हिस्सा बनती जा रही है.

क्या ज्यादा ब्लैक कॉफी पीने से ज्यादा फायदा मिलेगा?

ब्लैक कॉफी को लेकर यह मानना सही नहीं है कि जितनी ज्यादा मात्रा में इसे पिया जाएगा, उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा. कैफीन की अधिक मात्रा कुछ लोगों में एसिडिटी, घबराहट, नींद खराब होने और दिल की धड़कन तेज होने जैसी परेशानियां पैदा कर सकती है.

इसलिए दूध वाली कॉफी और ब्लैक कॉफी में से किसी एक को हर व्यक्ति के लिए बेहतर बताना सही नहीं होगा. कॉफी में क्या मिलाया जा रहा है, उसकी कितनी मात्रा ली जा रही है और शरीर उस मात्रा को किस तरह सहन करता है, ये बातें ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.

 

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