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योगिनी एकादशी 2026: इन 4 जगहों पर दीपक जलाने से दूर हो सकती हैं बाधाएं, जानें पूजा और व्रत का महत्व

धर्म डेस्क: सनातन धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। आषाढ़ मास में आने वाली योगिनी एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। वर्ष 2026 में यह व्रत शुभ संयोग में मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से सुख, समृद्धि, धन-धान्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, योगिनी एकादशी के दिन दीपक जलाने का भी विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस दिन कुछ विशेष स्थानों पर दीप प्रज्वलित करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में आ रही परेशानियां कम होने की मान्यता है।

भगवान विष्णु के सामने जलाएं घी का दीपक

योगिनी एकादशी की शाम भगवान विष्णु के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है। साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि का वातावरण बनने की मान्यता है।

तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना माना जाता है शुभ

योगिनी एकादशी के दिन तुलसी के पौधे के पास घी या तिल के तेल का दीपक जलाने की परंपरा भी है। मान्यता है कि तुलसी के पास दीपक जलाने से घर का वातावरण पवित्र होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। इसे आर्थिक उन्नति और पारिवारिक खुशहाली से भी जोड़कर देखा जाता है।

घर के मुख्य द्वार पर करें दीपदान

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, योगिनी एकादशी की रात घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और घर में शांति, शुभता और समृद्धि का आगमन होता है। इसे घर की सुरक्षा और मंगल का प्रतीक भी माना जाता है।

पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने की मान्यता

योगिनी एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाने को भी विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।

योगिनी एकादशी 2026 की तिथि और शुभ समय

पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई, शुक्रवार को रखा जाएगा।

एकादशी तिथि प्रारंभ: 10 जुलाई 2026, सुबह 8:16 बजे

एकादशी तिथि समाप्त: 11 जुलाई 2026, सुबह 5:22 बजे

हरिवासर समाप्ति: 10 जुलाई 2026, सुबह 10:32 बजे

व्रत पारण का शुभ समय: 11 जुलाई 2026, दोपहर 1:50 बजे से शाम 4:36 बजे तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बताए गए दीपक जलाने के ये उपाय आस्था और परंपराओं पर आधारित हैं। इन्हें धार्मिक विश्वास के रूप में देखा जाता है।

 

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