
बिहार डेस्क: बेटियों की पढ़ाई और शादी के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना को लेकर लोगों में लगातार दिलचस्पी बढ़ रही है। बिहार में इस योजना के तहत महज एक साल में करीब एक लाख खाते खोले गए हैं। वहीं, देशभर में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत चल रहे खातों की संख्या करीब 4 करोड़ तक पहुंच गई है।
सुकन्या योजना को लेकर बढ़ी लोगों की दिलचस्पी
केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य के लिए छोटी बचत पर आधारित योजना है। शुरुआत से ही यह योजना अभिभावकों के बीच लोकप्रिय रही है। बेटी की शिक्षा से लेकर शादी तक के खर्च के लिए इसमें रकम जमा की जा सकती है। समस्तीपुर में डाक विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने योजना के तहत हुए काम और खातों की बढ़ती संख्या की जानकारी दी।
समस्तीपुर डाक प्रमंडल की ओर से अर्द्धवार्षिक समीक्षा एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। उत्तरी बिहार क्षेत्र, मुजफ्फरपुर के पोस्टमास्टर जनरल पवन कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष में बिहार में सुकन्या समृद्धि योजना के करीब एक लाख खाते खोले गए हैं।
उन्होंने कहा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए डाक कर्मियों को लक्ष्य दिया गया है। देशभर में सुकन्या समृद्धि योजना के करीब 4 करोड़ खाते चल रहे हैं। योजना की ब्याज दर हर तिमाही वित्त मंत्रालय की ओर से घोषित की जाती है।
बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए तैयार हो सकता है बड़ा फंड
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत माता-पिता अपनी बेटी के भविष्य के लिए रकम जमा कर सकते हैं। योजना में बेटी के नाम पर खाता खोला जाता है और यह 21 साल की अवधि के लिए होता है। दिए गए उदाहरण के अनुसार, रोजाना 100 रुपये की बचत करके हर महीने 3,000 रुपये निवेश करने पर बेटी की शादी के समय तक 15 लाख रुपये से अधिक की रकम तैयार हो सकती है।
अगर 2026 में तीन साल की बेटी के लिए हर महीने 3,000 रुपये जमा किए जाएं तो एक साल में 36,000 रुपये का निवेश होगा। इस तरह पूरी अवधि में कुल 5,40,000 रुपये जमा किए जाएंगे। 7.6 फीसदी सालाना ब्याज दर के आधार पर कंपाउंडिंग के बाद यह रकम 9,87,637 रुपये बताई गई है।
21 साल की मैच्योरिटी पर जमा रकम और ब्याज को मिलाकर कुल 15,27,637 रुपये मिलने का अनुमान है। ऐसे में अगर बेटी की शादी 23 साल की उम्र में की जाती है, तो उस समय सुकन्या समृद्धि योजना में जमा 15 लाख रुपये से अधिक की रकम उपलब्ध हो सकती है।
समस्तीपुर डाक प्रमंडल के प्रदर्शन में भी बड़ा सुधार
कार्यक्रम के दौरान डाक सेवाओं के अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जीडीएस, बीपीएम, एसपीएम और विभागीय कर्मचारियों को पोस्टमास्टर जनरल पवन कुमार सिंह ने सम्मानित किया। अधिकारियों के मुताबिक, समस्तीपुर डाक प्रमंडल ने पिछले एक साल में अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया है और अब यह उत्तरी बिहार क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रमंडलों में शामिल हो गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2025 के दौरान समस्तीपुर डाक प्रमंडल में 53,766 बचत खाते खोले गए थे। इसी अवधि में 2026 में यह संख्या बढ़कर 71,861 हो गई। यानी एक साल में 18,095 खातों की वृद्धि हुई, जो 33.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
डाक जीवन बीमा में भी दर्ज हुई बड़ी बढ़ोतरी
डाक जीवन बीमा में भी प्रमंडल ने बेहतर प्रदर्शन किया है। वर्ष 2025-26 में डाक जीवन बीमा का प्रीमियम 1,34,39,594 रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 2,53,51,052 रुपये हो गया। इस तरह प्रीमियम में 1,19,11,458 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई, जो 88.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
ग्रामीण डाक जीवन बीमा में भी बड़ा इजाफा हुआ। वर्ष 2025-26 में इसका प्रीमियम 66,43,727 रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 2,20,59,390 रुपये हो गया। इसमें 1,54,15,663 रुपये की वृद्धि हुई, जो 232.03 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
पीएमजी ने पूरी टीम के प्रयास को बताया उपलब्धि की वजह
पोस्टमास्टर जनरल पवन कुमार सिंह ने कहा कि समस्तीपुर डाक प्रमंडल ने पिछले एक साल में असाधारण प्रगति की है। बचत खातों में 33.65 प्रतिशत, डाक जीवन बीमा में 88.63 प्रतिशत और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 232 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने इस प्रदर्शन का श्रेय डाक अधीक्षक रॉबिन चंद्रा के नेतृत्व और पूरी टीम के समर्पण को दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के मामले में समस्तीपुर डाक प्रमंडल एक मिसाल बनकर उभरा है।
Navyug Samachar