मनोरंजन डेस्क: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ की मांग को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने सरकार पर निशाना साधा है। छात्र एबिन और मोहम्मद रेहान की भूख हड़ताल 17वें दिन भी जारी है। इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने धरनास्थल खाली करने का नोटिस दिया है, जबकि मंगलवार को परिसर के आसपास नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई। छात्रों की मांगों और परिसर में बिजली-पानी बंद किए जाने को लेकर नसीरुद्दीन शाह ने नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार से सवाल किए हैं।
‘मैं फख्र से कहता हूं, मैं दिमागी नक्सली हूं’
नसीरुद्दीन शाह ने एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और उनके साथ हो रही कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं।” अभिनेता ने कहा कि उन्हें एंटी नेशनल और टुकड़े गैंग जैसे कई नामों से पुकारा जाता है।
उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर देश के युवाओं का हौसला तोड़ने, शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करने और लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए और कितना कुछ किया जाएगा। उनके बयान में छात्रों के प्रति कथित कार्रवाई और शिक्षा संस्थानों के माहौल को लेकर नाराजगी साफ नजर आई।
जेएनयू से जामिया तक का किया जिक्र
अभिनेता ने अपने बयान में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और जामिया मिल्लिया इस्लामिया का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में छात्रों के साथ जो कुछ हो रहा है, उसे याद रखा जाएगा।
नसीरुद्दीन शाह ने जामिया के छात्रों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि विद्यार्थियों की आवाज दबाने और उनके हौसले को तोड़ने की कोशिशों को भुलाया नहीं जाएगा। उनका यह बयान विश्वविद्यालय में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच सामने आया है।
17वें दिन भी जारी है छात्रों की भूख हड़ताल
जामिया में छात्रसंघ की मांग को लेकर एबिन और मोहम्मद रेहान की भूख हड़ताल लगातार जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को धरनास्थल खाली करने का नोटिस दिया है। वहीं, परिसर के आसपास मंगलवार को नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की गई।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के छात्रावास के पास गेट नंबर 4-सी पर प्रशासन की ओर से टिन की चादर लगाकर वेल्डिंग की गई थी। खबर के मुताबिक, देर रात छात्रों ने सरिया और अन्य उपकरणों की मदद से इस अवरोध को तोड़ दिया। परिसर में बिजली-पानी बंद किए जाने और मांगों पर सुनवाई नहीं होने को लेकर भी छात्रों में नाराजगी बताई गई है।
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