
लखनऊ: दीपावली और छठ पूजा की शुभकामनाओं के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी में सियासी पोस्टरबाजी तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन भाजपा और समाजवादी पार्टी ने होर्डिंग के जरिए अपने राजनीतिक संदेश देना शुरू कर दिया है। भाजपा के पोस्टर में अपराध और माफिया के खिलाफ कार्रवाई को प्रमुखता दी गई है, जबकि सपा ने अपने पोस्टर के जरिए सवर्ण समाज को PDA के साथ जोड़ने की कोशिश की है। त्योहार के मौके पर लगाए गए इन पोस्टरों ने राजधानी में चुनावी चर्चाओं को तेज कर दिया है।
BJP के पोस्टर में तमंचे पर लाल क्रॉस, अपराध मुक्त यूपी का संदेश
लखनऊ के व्यस्त हजरतगंज चौराहे पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास के बाहर भाजपा की ओर से पोस्टर लगाए गए हैं। इन पर ‘अपराध एवं भयमुक्त दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं’ का संदेश लिखा गया है।
पोस्टर में तमंचे के चित्र पर बना लाल क्रॉस लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसके जरिए योगी सरकार की माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति को प्रदर्शित किया गया है। पोस्टर के ऊपरी हिस्से में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के शीर्ष नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं।
वहीं, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक हाथ जोड़कर और उंगली उठाकर अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने के संकल्प का संदेश देते दिखाई दे रहे हैं। भाजपा के इन पोस्टरों के जरिए कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के रुख को सामने रखने की कोशिश की गई है।
सपा का नया नारा- ‘सवर्ण चाह दिखाएगा, PDA CM बनाएगा’
भाजपा के पोस्टरों के बीच समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर लगा एक होर्डिंग भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सपा नेता डॉ. राहुल शुक्ला की ओर से लगवाए गए इस पोस्टर में 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी के सामाजिक समीकरणों से जुड़ी रणनीति का संदेश दिया गया है।
होर्डिंग पर बड़े अक्षरों में लिखा है, ‘सवर्ण चाह दिखाएगा, PDA CM बनाएगा… अखिलेश भैया को 2027 में अवश्य मुख्यमंत्री बनाएगा।’ इस नारे के जरिए सवर्ण समाज को पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
पोस्टर में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ लोकभवन का चित्र भी लगाया गया है। उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक शक्ति केंद्र माने जाने वाले लोकभवन की तस्वीर पर ‘KM 0’ लिखा है। इसके माध्यम से प्रतीकात्मक संदेश दिया गया है कि 2027 में अखिलेश यादव की सत्ता में वापसी का रास्ता अब शून्य दूरी पर है।
दीपावली और छठ पूजा की बधाइयों के साथ लगाए गए इस होर्डिंग में सपा की ओर से PDA के दायरे को सवर्ण मतदाताओं तक बढ़ाने की राजनीतिक कोशिश साफ नजर आती है।
त्योहार की बधाइयों के बहाने 2027 की तैयारी
लखनऊ में भाजपा और सपा के पोस्टरों ने त्योहार के माहौल में सियासी मुकाबले की झलक दिखा दी है। भाजपा ने अपने संदेश में कानून-व्यवस्था, माफिया और अपराध के खिलाफ कार्रवाई को केंद्र में रखा है। वहीं, सपा ने सामाजिक समीकरणों और PDA के विस्तार के जरिए आगामी चुनाव के लिए अपना राजनीतिक संदेश दिया है।
फिलहाल दोनों दलों के ये पोस्टर त्योहार की शुभकामनाओं के लिए लगाए गए हैं, लेकिन इनके नारे और तस्वीरें 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों की ओर भी इशारा कर रही हैं। चुनाव में अभी वक्त है, मगर लखनऊ की सड़कों पर होर्डिंग के जरिए राजनीतिक दलों ने अपने-अपने मुद्दे और रणनीति सामने रखनी शुरू कर दी है।
Navyug Samachar