Wednesday , 9 September 2026

PM मोदी से सुप्रिया सुले समेत 8 सांसदों की 20 मिनट बंद कमरे में मुलाकात, महाराष्ट्र की सियासत में क्यों बढ़ी हलचल?

नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले के बीच हुई मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं को तेज कर दिया। सुप्रिया सुले अपने 8 सहयोगी सांसदों के साथ प्रधानमंत्री से मिलीं। करीब 20 मिनट तक चली इस बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बैठक में सांसदों ने मुख्य रूप से अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे।

परिसीमन पर क्या हुई बात?

सुप्रिया सुले पहले ही परिसीमन विधेयक को लेकर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट कर चुकी हैं। पार्टी ने अपनी शर्तों और मांगों को मसौदे में शामिल किए बिना विधेयक का समर्थन नहीं करने की बात कही है।

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री के साथ करीब 20 मिनट चली इस बैठक में परिसीमन का मुद्दा सीधे तौर पर नहीं उठाया गया। सांसदों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास से जुड़े विषयों पर प्रधानमंत्री का ध्यान खींचा।

बीड के सूखाग्रस्त इलाकों के लिए पानी की मांग

बैठक में बीड से सांसद बजरंग सोनवणे ने सोलापुर स्थित उजनी बांध से बीड जिले के सूखाग्रस्त इलाकों तक पानी पहुंचाने की मांग रखी। उन्होंने क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों की समस्याओं को देखते हुए इस दिशा में कदम उठाने की जरूरत बताई।

रेलवे और एयरपोर्ट से जुड़े मुद्दे भी उठे

शिरूर से सांसद अमोल कोल्हे ने नासिक-पुणे रेलवे लाइन से जुड़े विवाद का मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने रखा। उन्होंने इस मामले का जल्द समाधान करने की मांग की।

वहीं भिवंडी के सांसद बालू मामा म्हात्रे ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम स्थानीय नेता डीबी पाटील के नाम पर रखने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल की ओर से महाराष्ट्र के किसानों से जुड़े मुद्दे भी प्रधानमंत्री के सामने रखे गए।

देवेंद्र फडणवीस ने मुलाकात का किया स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी से सुप्रिया सुले और अन्य सांसदों की मुलाकात के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुलाकात का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के मुखिया हैं और किसी भी दल के जनप्रतिनिधि का उनसे मिलना स्वाभाविक है।

वहीं शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने इस मुलाकात को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सांसदों को अलग से समय मांगकर प्रधानमंत्री से मिलना पड़ रहा है, क्योंकि संसद के भीतर संवाद का माहौल नहीं बन पा रहा है।

FCRA विधेयक को लेकर सुले ने सरकार को घेरा

सुप्रिया सुले ने प्रस्तावित FCRA विधेयक को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने विधेयक को वापस लेने या इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं की ओर से यह दावा किया गया कि प्रधानमंत्री के साथ बंद कमरे में हुई बातचीत में परिसीमन का मुद्दा भी उठा होगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार बैठक में सांसदों ने अपने संसदीय क्षेत्रों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ रखा।

बेटी के रिसेप्शन में जुटे सत्ता और विपक्ष के नेता

दिनभर की राजनीतिक गतिविधियों के बीच शाम को सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के जनपथ स्थित आवास पर रिसेप्शन का आयोजन भी हुआ। इस कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों खेमों के कई प्रमुख नेता पहुंचे। प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात और इसके बाद हुए इस आयोजन ने महाराष्ट्र की सियासत में दिनभर चर्चाओं को और हवा दे दी।

 

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