
नई दिल्ली डेस्क: मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने बेड एंड ब्रेकफास्ट यानी बी एंड बी योजना के तहत नए लाइसेंस जारी करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही इस पूरी व्यवस्था की गहन समीक्षा और जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। हादसे के बाद इस नीति की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।
सरकारी जानकारी के अनुसार, अब दिल्ली में बी एंड बी योजना के तहत किसी भी नई संपत्ति को लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। पर्यटन विभाग ने साफ कर दिया है कि इस योजना के नाम पर आगे कोई नया अनुमोदन जारी नहीं होगा। 2010 में कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान शुरू की गई इस योजना के तहत खाली मकानों में सीमित कमरों के साथ अतिथि आवास की अनुमति दी गई थी, लेकिन समय के साथ कई जगहों पर नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आने लगीं।
योजना में नियमों के उल्लंघन पर गंभीर सवाल
सूत्रों के मुताबिक, इस योजना के तहत अधिकतम छह कमरों की अनुमति दी गई थी, लेकिन कई जगहों पर इन्हें 20 से 30 कमरों तक के छोटे होटलों के रूप में संचालित किए जाने के मामले सामने आए हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह भी सामने आई है कि इस व्यवस्था के तहत संचालित कई संपत्तियों में नगर निगम या अग्निशमन विभाग से आवश्यक मंजूरी लेने की अनिवार्यता स्पष्ट नहीं थी, जिससे सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया।
लाइसेंस रद्द करने और सीलिंग की प्रक्रिया तेज
नगर निगम ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। हौज रानी क्षेत्र में बी एंड बी आधार पर संचालित 12 होटलों की पहचान की गई है, जिनके लाइसेंस रद्द करने के लिए पर्यटन विभाग को पत्र भेजा जाएगा। लाइसेंस रद्द होने के बाद इन संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही दक्षिण दिल्ली के साकेत क्षेत्र में हाल ही में हुई बहुमंजिला इमारत दुर्घटना के बाद नियम उल्लंघन के मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। प्रशासन ने ऐसे 32 और संपत्तियों की पहचान की है, जहां नियमों की अनदेखी कर संचालन किया जा रहा था। इन सभी को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और तय समय सीमा के बाद सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पहले भी कुछ संपत्तियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और अब बाकी मामलों में भी तेजी से कार्रवाई की जाएगी। 72 घंटे की नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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