
नई दिल्ली : टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से अपने पैर पसार रहा है और अब Meta एक ऐसे नए AI हेल्थ फीचर पर काम कर रहा है, जो WhatsApp, Instagram और Facebook जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स को स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह देने में सक्षम होगा। इस खबर के सामने आने के बाद टेक और हेल्थ सेक्टर दोनों में हलचल तेज हो गई है।
WhatsApp और Instagram पर मिलेगा AI हेल्थ असिस्टेंट
Meta अपने AI इकोसिस्टम को लगातार मजबूत करने में जुटा है। कंपनी के AI प्रमुख अलेक्जेंड्र वांग के अनुसार, Meta अपने नए Muse AI मॉडल्स के जरिए हेल्थ से जुड़े सवालों के जवाब देने की दिशा में काम कर रहा है। बताया जा रहा है कि हाल ही में लॉन्च किया गया Muse Spark मॉडल स्वास्थ्य से संबंधित सवालों को समझने और उनका जवाब देने की क्षमता रखता है।
इस फीचर को भविष्य में Meta के बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़े जाने की योजना है, जिससे यूजर्स सीधे ऐप्स पर ही हेल्थ से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे।
AI हेल्थ सेक्टर में बढ़ती Meta की रुचि
अलेक्जेंड्र वांग ने कहा कि जब तकनीक को अरबों लोगों तक पहुंचाने की बात आती है, तो हेल्थ सेक्टर सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बन जाता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि मौजूदा AI मॉडल अभी OpenAI और Anthropic जैसे प्लेटफॉर्म्स की तुलना में पूरी तरह विकसित नहीं हैं, लेकिन इसमें तेजी से सुधार किया जा रहा है।
क्या AI ले लेगा डॉक्टरों की जगह?
इस नए फीचर के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या भविष्य में AI डॉक्टरों की भूमिका को कम कर देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं में AI मददगार साबित हो सकता है, लेकिन गंभीर बीमारियों के मामलों में डॉक्टरों की भूमिका को पूरी तरह से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि AI कई बार अधूरी या गलत जानकारी दे सकता है, इसलिए इसे केवल सहायक टूल के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि अंतिम चिकित्सा सलाह के रूप में।
प्राइवेसी को लेकर बढ़ी चिंता
इस पहल को लेकर सबसे बड़ा सवाल डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी का है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी किसी भी व्यक्ति का अत्यंत संवेदनशील डेटा माना जाता है। ऐसे में यह चिंता जताई जा रही है कि अगर यूजर्स अपने मेडिकल सवाल AI सिस्टम पर पूछेंगे, तो उनका डेटा कितना सुरक्षित रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि Meta को इस फीचर को लॉन्च करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि यूजर्स का हेल्थ डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे और उसका दुरुपयोग किसी भी स्थिति में न हो।
भविष्य में बड़ा बदलाव संभव
यदि यह AI हेल्थ फीचर सफल होता है, तो आने वाले समय में लोग WhatsApp या Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर ही प्राथमिक स्वास्थ्य सलाह प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि इसके साथ ही टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर के बीच संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
Navyug Samachar