
नेशनल डेस्क : एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। दिल्ली में एनडीए नेताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश को बेबसी, बदहाली और हीन भावना की ओर धकेलने वाली कांग्रेस की नीतियों की असफलताओं को गलत तरीके से ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ का नाम दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वास्तव में इसे ‘कांग्रेसी विकास दर’ कहा जाना चाहिए था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक देश में यह धारणा बना दी थी कि भारत तेज गति से विकास नहीं कर सकता और आर्थिक प्रगति हमेशा सीमित ही रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर की धीमी विकास दर को बड़ी चालाकी से ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ कहा गया, जबकि इसके पीछे कांग्रेस की नीतिगत कमजोरियां और शासन की विफलताएं जिम्मेदार थीं।
कांग्रेस की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की कार्यशैली, नीतियां और निर्णयहीनता ने देश को लंबे समय तक धीमी आर्थिक वृद्धि और निराशा के दौर में रखा। उनके मुताबिक उस समय की आर्थिक असफलताओं का दाग हिंदू समाज पर लगाया गया, जबकि इसके लिए पूरी तरह से तत्कालीन सरकारों की नीतियां जिम्मेदार थीं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान न तो स्पष्ट नीति थी, न मजबूत इरादे और न ही निर्णायक कार्रवाई की क्षमता। इसी वजह से देश की विकास रफ्तार सीमित रही और जनता के बीच निराशा का माहौल बना।
क्या है ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ की पृष्ठभूमि?
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ शब्द की पृष्ठभूमि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 1950 से 1980 के दशक के बीच भारत की औसत आर्थिक वृद्धि दर करीब 3 से 3.5 प्रतिशत रही थी। इस धीमी विकास दर को लेकर अर्थशास्त्री राज कृष्णा ने व्यंग्यात्मक रूप से ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और सामाजिक व्यवस्था को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह गलत था। उन्होंने दावा किया कि इसकी असली वजह कांग्रेस सरकारों की लाइसेंस-परमिट आधारित आर्थिक नीतियां थीं, जिन्होंने विकास की गति को सीमित कर दिया।
12 साल की उपलब्धियां भी गिनाईं
प्रधानमंत्री ने एनडीए सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दौरान 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है। उन्होंने कहा कि भारत अब सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, चिप निर्माण, बैटरी स्टोरेज और ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा, खनिज, चिप्स, बैटरी, अंतरिक्ष, डेटा सेंटर, क्वांटम तकनीक और एआई जैसे क्षेत्र देश की आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा से सीधे जुड़े हुए हैं। ऐसे में भारत इन क्षेत्रों में विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है।
राष्ट्रहित को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए शासन में राष्ट्रहित हमेशा सर्वोपरि रहा है। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने, पूर्वोत्तर में शांति स्थापित करने और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई को सरकार की बड़ी उपलब्धियां बताया।
उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब अनुच्छेद 370 पर चर्चा करने से भी राजनीतिक दल हिचकते थे, लेकिन एनडीए सरकार ने इसे हटाकर पूरे देश में समान संवैधानिक व्यवस्था लागू की। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में हिंसा में कमी आई है और वहां शांति तथा विकास का माहौल बना है।
आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देश आतंकवादी हमलों का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई अभियानों जैसे कड़े कदमों से देता है।
मध्यम वर्ग और अर्थव्यवस्था पर भी बोले
प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यम वर्ग को दी गई कर राहत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय कर मुक्त है, जिससे बड़ी संख्या में करदाताओं को लाभ मिला है।
भारत की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी जैसे हालात के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में देश की विकास दर 7.7 प्रतिशत रही, जबकि पिछली तिमाही में यह 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई।
सहयोगी दलों और कार्यकर्ताओं का जताया आभार
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए के सहयोगी दलों और भाजपा कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियां किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे गठबंधन और करोड़ों कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं।
Navyug Samachar