हेल्थ डेस्क : कई महिलाएं ऐसी समस्या का सामना करती हैं, जिसके बारे में वे अक्सर खुलकर बात नहीं कर पातीं। जोर से हंसने, अचानक छींक आने, खांसने, दौड़ने या भारी सामान उठाने के दौरान अनजाने में पेशाब की कुछ बूंदें निकल जाना एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या लाखों महिलाओं को प्रभावित करती है, लेकिन शर्म और संकोच के कारण अधिकांश महिलाएं समय पर उपचार नहीं लेतीं।
क्यों होती है पेशाब लीक होने की समस्या?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जब मूत्राशय और उसे सहारा देने वाली मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, तब पेट पर दबाव बढ़ने की स्थिति में पेशाब को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि हंसने, छींकने, खांसने या किसी शारीरिक गतिविधि के दौरान पेशाब की थोड़ी मात्रा बाहर निकल सकती है।
चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को ‘स्ट्रेस यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस’ कहा जाता है।
क्या है स्ट्रेस यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस?
यह ऐसी स्थिति होती है, जब मूत्राशय पर पड़ने वाला दबाव पेशाब को रोकने वाली मांसपेशियों की क्षमता से अधिक हो जाता है। रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियां जैसे सीढ़ियां चढ़ना, व्यायाम करना, खांसना, छींकना या भारी सामान उठाना भी इस दबाव को बढ़ा सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या तब विकसित होती है जब पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां और मूत्र नियंत्रण तंत्र मूत्राशय को पर्याप्त सहारा देने में सक्षम नहीं रह जाते।
किन कारणों से बढ़ता है खतरा?
यह समस्या कई महिलाओं में धीरे-धीरे विकसित होती है। गर्भावस्था और सामान्य प्रसव के दौरान पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर पड़ने वाला दबाव उन्हें कमजोर कर सकता है। बढ़ती उम्र के साथ शरीर की मांसपेशियों की ताकत कम होना भी एक प्रमुख कारण माना जाता है।
इसके अलावा अधिक वजन, लंबे समय तक कब्ज की समस्या और शारीरिक निष्क्रियता भी इस स्थिति को गंभीर बना सकती है।
हार्मोनल बदलाव भी बन सकते हैं वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि रजोनिवृत्ति से पहले और बाद के चरण में शरीर में हार्मोन संबंधी बदलाव भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं। इस दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने से मूत्राशय और मूत्रमार्ग के आसपास के ऊतक कमजोर और कम लचीले हो सकते हैं। परिणामस्वरूप कई महिलाओं में पहली बार पेशाब लीक होने की समस्या दिखाई देने लगती है।
इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
अगर कभी-कभार ऐसी स्थिति होती है तो यह सामान्य लग सकती है, लेकिन कुछ लक्षण गंभीर संकेत हो सकते हैं। जैसे—
- बार-बार पेशाब लीक होना
- समय के साथ समस्या का बढ़ना
- दैनिक गतिविधियों में परेशानी होना
- व्यायाम या चलने-फिरने में असुविधा महसूस होना
- यात्रा या बाहर जाने की योजना शौचालय की उपलब्धता के अनुसार बनाना
- पेशाब के दौरान दर्द, जलन या खून आना
- बार-बार मूत्र संक्रमण होना
विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते पहचान और उपचार शुरू करने से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
बिना सर्जरी भी मिल सकती है राहत
अच्छी बात यह है कि कई मामलों में बिना सर्जरी के भी सुधार संभव है। इसके लिए पेल्विक फ्लोर को मजबूत करने वाली कीगल एक्सरसाइज सबसे प्रभावी उपायों में से एक मानी जाती है। सही तरीके से और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार की गई यह एक्सरसाइज मूत्र नियंत्रण में मदद कर सकती है।
इसके अलावा संतुलित वजन बनाए रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, फाइबर युक्त भोजन लेना, कब्ज से बचना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी इस समस्या को कम करने में सहायक साबित हो सकता है।
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