
नेशनल डेस्क: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन मामले को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इस मुद्दे पर अब तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया है कि जिस राम मंदिर आंदोलन को आस्था और विश्वास का प्रतीक बताया गया था, उसी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप अब भाजपा की राजनीतिक और नैतिक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए BJP पर साधा निशाना
सागरिका घोष ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अयोध्या का राम मंदिर लंबे समय से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राजनीति का प्रमुख केंद्र रहा है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर से जुड़े कथित गबन के आरोपों ने भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
TMC सांसद ने कहा कि भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वालों ने लोगों की आस्था के साथ विश्वासघात किया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
BJP की ओर से अब तक नहीं आया आधिकारिक जवाब
राम मंदिर चढ़ावा मामले में लगाए गए आरोपों पर फिलहाल भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं और विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
आरोपियों के ठिकानों पर पुलिस की एक साथ कार्रवाई
इस बीच मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के ठिकानों पर रविवार को पुलिस ने एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव समेत अन्य आरोपियों के घरों की तलाशी ली गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी मनीष यादव के घर से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खातों से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय लेन-देन और संभावित कड़ियों की जांच कर रही है।
आज अदालत में पेश होंगे सभी आरोपी, रिमांड की मांग संभव
जानकारी के मुताबिक, अयोध्या अदालत ने सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। सोमवार को सभी आरोपियों की अदालत में पेशी होनी है। माना जा रहा है कि पुलिस पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल बताए गए हैं। इन सभी की जिम्मेदारी श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद दान और अन्य कीमती वस्तुओं की गिनती तथा प्रबंधन से जुड़ी बताई गई है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अगली अदालत सुनवाई के साथ जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
Navyug Samachar