
यूपी डेस्क: लंबे इंतजार के बाद गर्मी की छुट्टियों का दौर खत्म हो गया और बुधवार को शहर के स्कूल एक बार फिर बच्चों की चहल-पहल से गुलजार हो गए। करीब डेढ़ महीने बाद स्कूल खुलते ही जहां बड़े बच्चों में दोस्तों से मिलने का उत्साह साफ नजर आया, वहीं नर्सरी और प्राइमरी के छोटे बच्चे पहले दिन स्कूल पहुंचकर भावुक हो गए और कई जगह रोते-बिलखते नजर आए।
सुबह से ही स्कूलों के बाहर दिखी अभिभावकों और बच्चों की भीड़
स्कूल खुलने के साथ ही सुबह से ही शहर के विभिन्न स्कूलों के बाहर अभिभावकों और बच्चों की भीड़ देखने को मिली। नए सत्र की किताबें, रंग-बिरंगे बैग और पानी की बोतलों के साथ बच्चे स्कूल पहुंचे। बड़े छात्रों ने जहां अपने दोस्तों से मिलकर छुट्टियों के अनुभव साझा किए, वहीं छोटे बच्चे स्कूल के गेट पर ही असहज महसूस करते दिखे।
नन्हे बच्चों को संभालने में शिक्षकों और अभिभावकों को करनी पड़ी मशक्कत
नर्सरी और प्राइमरी कक्षाओं के कई बच्चे पहले दिन स्कूल के माहौल में खुद को ढाल नहीं पाए और भावुक हो गए। कई जगह उन्हें शांत कराने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों को काफी प्रयास करना पड़ा। हालांकि स्कूल स्टाफ ने धैर्य के साथ बच्चों को संभालते हुए उन्हें कक्षाओं तक पहुंचाया।
स्कूलों में स्वागत, प्रार्थना सभा में दिए गए महत्वपूर्ण संदेश
स्कूल प्रशासन की ओर से पहले दिन बच्चों का स्वागत मुस्कान के साथ किया गया। कई स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को अनुशासन, स्वच्छता और नियमित पढ़ाई के महत्व के बारे में बताया गया। बच्चों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रेरित भी किया गया।
सड़कों पर बढ़ा यातायात दबाव, ट्रैफिक पुलिस रही मुस्तैद
स्कूल खुलने के कारण सुबह के समय शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। स्कूल बसों, वैन और अभिभावकों के वाहनों की आवाजाही के चलते कुछ स्थानों पर जाम जैसी स्थिति भी बनी। ट्रैफिक पुलिस प्रमुख चौराहों पर तैनात रही और व्यवस्था संभालती नजर आई।
नई शुरुआत के साथ बच्चों में दिखा उत्साह और भावनाओं का मिला-जुला माहौल
गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूलों में लौटी यह रौनक बच्चों के लिए नई शुरुआत का संदेश लेकर आई। कहीं हंसी-खुशी, कहीं शरारतें और कहीं छोटे बच्चों के आंसू—इस तरह भावनाओं के मिले-जुले माहौल में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साह और उम्मीदों के साथ हुई।
Navyug Samachar