Monday , 5 October 2026

चलते ई-रिक्शा को रोकने वाले ऐप्स पर केंद्र का बड़ा एक्शन, BAT-BMS समेत कई ऐप्स हटाने के आदेश

नेशनल डेस्क : ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से नियंत्रित कर वाहन रोकने की आशंका वाले मोबाइल ऐप्स पर केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सरकार ने BAT-BMS, Lossigy और Epochl-i-ion जैसे ऐप्स को तत्काल प्ले स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई, जिनमें कुछ ई-रिक्शा को दूर से बंद किए जाने के दावे किए गए थे।

सरकार का कहना है कि यदि अन्य किसी ऐप का भी इसी तरह गलत इस्तेमाल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित आदेश जारी कर दिए गए हैं, हालांकि ऐप्स को पूरी तरह हटाने की प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है।

सुरक्षा चिंताओं के बाद लिया गया फैसला

केंद्र सरकार के मुताबिक ये ऐप्स मूल रूप से बैटरी की निगरानी, जांच और सर्विसिंग के लिए विकसित किए गए थे। लेकिन कुछ मामलों में इनके दुरुपयोग की आशंका सामने आई, जहां बिना अनुमति बैटरी सिस्टम से जुड़कर वाहन की पावर सप्लाई प्रभावित की जा सकती थी।

सरकार का मानना है कि ऐसे ऐप्स सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। इसी वजह से तत्काल कार्रवाई करते हुए इन्हें हटाने का निर्णय लिया गया है।

आईटी सचिव ने ऐप स्टोर कंपनियों को किया सतर्क

सरकार ने BAT-BMS, Lossigy और Epochl-i-ion के अलावा अन्य संदिग्ध ऐप्स की भी पहचान शुरू कर दी है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि ऐप स्टोर संचालकों को ऐसे ऐप्स की समीक्षा और जांच में अधिक सतर्कता बरतनी होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ऐप स्टोर कंपनियों के साथ मिलकर ऐसा तंत्र विकसित करेगी, जिससे भविष्य में सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करने वाले ऐप्स आम लोगों तक न पहुंच सकें।

कैसे काम करते हैं ये ऐप्स?

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार BAT-BMS और इसी तरह के अन्य ऐप्स ब्लूटूथ तकनीक के माध्यम से बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य बैटरी की चार्जिंग, वोल्टेज, तापमान और अन्य तकनीकी आंकड़ों की निगरानी करना होता है।

हालांकि कुछ सस्ते लिथियम-आयन बैटरी सिस्टम में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था या पासवर्ड सुरक्षा नहीं होने के कारण कोई भी व्यक्ति ब्लूटूथ रेंज में आकर बैटरी से कनेक्ट हो सकता था। इसके बाद ऐप में उपलब्ध नियंत्रण विकल्पों का उपयोग कर बैटरी की पावर सप्लाई प्रभावित की जा सकती थी।

चलते वाहन के अचानक रुकने का खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी वाहन की बिजली आपूर्ति अचानक बंद हो जाए तो दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। यही वजह है कि इस मामले को गंभीर सुरक्षा जोखिम के रूप में देखा गया।

हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह समस्या सभी ई-रिक्शा में नहीं पाई जाती। केवल उन्हीं वाहनों में जोखिम अधिक है जिनमें ब्लूटूथ आधारित लिथियम बैटरी लगी है और सुरक्षा सेटिंग्स सही तरीके से लागू नहीं की गई हैं।

ई-रिक्शा चालक क्या सावधानी बरतें?

विशेषज्ञों ने ई-रिक्शा चालकों को सलाह दी है कि वे अपनी बैटरी का डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें। यदि बैटरी में ऐप कंट्रोल लॉक या रिमोट कंट्रोल लॉक की सुविधा उपलब्ध हो तो उसे सक्रिय करें।

जिन उपयोगकर्ताओं को ब्लूटूथ मॉनिटरिंग की आवश्यकता नहीं है, वे तकनीशियन की मदद से ब्लूटूथ मॉड्यूल निष्क्रिय करवा सकते हैं। इससे कोई अनधिकृत व्यक्ति बैटरी सिस्टम से कनेक्ट नहीं हो सकेगा।

सभी ई-रिक्शा प्रभावित नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी वाले अधिकांश ई-रिक्शा इस समस्या से प्रभावित नहीं हैं। जोखिम मुख्य रूप से कुछ ब्लूटूथ आधारित लिथियम बैटरी सिस्टम तक सीमित है। सरकार का मानना है कि ऐप्स पर कार्रवाई और सुरक्षा उपायों के बाद ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकेगा।

 

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