Monday , 5 October 2026

यूपी में बड़ा डिजिटल बदलाव! राजस्व मामलों की सुनवाई अब स्कैन कॉपियों से, मूल फाइलें रहेंगी सुरक्षित

यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों की न्यायिक प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने फैसला किया है कि अब राजस्व परिषद की अदालतों में मुकदमों की सुनवाई मूल अभिलेखों के बजाय उनकी प्रमाणित स्कैन की गई डिजिटल प्रतियों के आधार पर की जाएगी। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर नई व्यवस्था लागू की गई है।

मूल दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे, फाइलें खोने का खतरा होगा खत्म

नई व्यवस्था के लागू होने के बाद महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों को बार-बार एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय या अदालत भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे दस्तावेजों के फटने, गुम होने, खराब होने या समय पर अदालत तक नहीं पहुंचने जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि अधीनस्थ अदालतों से भेजी जाने वाली प्रत्येक स्कैन कॉपी पूरी तरह स्पष्ट और क्रमवार होनी चाहिए। इसमें आदेश पत्रक, नोटशीट, नक्शे समेत सभी दस्तावेज शामिल होंगे। साथ ही संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) का प्रमाण-पत्र भी अनिवार्य रहेगा।

विशेष परिस्थितियों में ही मंगाए जाएंगे मूल अभिलेख

नई व्यवस्था के तहत सामान्य परिस्थितियों में मुकदमों की सुनवाई केवल डिजिटल प्रतियों के आधार पर ही होगी। मूल दस्तावेज तभी प्रस्तुत किए जाएंगे, जब न्यायालय किसी विशेष कारण का उल्लेख करते हुए लिखित आदेश जारी करेगा। इससे अभिलेखों की सुरक्षा बढ़ने के साथ-साथ मामलों के निस्तारण में भी तेजी आने की संभावना है।

RCCMS पोर्टल से ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया

राजस्व परिषद इस पूरी व्यवस्था को आगे चलकर RCCMS पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन संचालित करने की तैयारी कर रही है। पोर्टल सक्रिय होने के बाद वकीलों और आम नागरिकों के लिए मुकदमों की स्थिति देखना, दस्तावेज अपलोड करना और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना अधिक आसान और पारदर्शी हो जाएगा।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

नई व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए गए हैं। राजस्व परिषद ने साफ किया है कि यदि किसी जिले से अधूरी, धुंधली या बिना प्रमाणित स्कैन कॉपी भेजी जाती है, तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 

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