यूपी डेस्क: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक सोमवार को आयोजित होने जा रही है। दोपहर 3 बजे होने वाली इस बैठक को हालिया दान-पात्र विवाद के बाद सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पहले यह बैठक मणिराम दास छावनी में प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसका आयोजन राम मंदिर परिसर के भीतर किया जाएगा। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों, विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतरिम रिपोर्ट, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद, वित्तीय ऑडिट और प्रशासनिक व्यवस्थाओं समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा और संभावित फैसले हो सकते हैं।
इन पांच प्रमुख एजेंडों पर होगी चर्चा
ट्रस्ट की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में पांच प्रमुख विषयों को एजेंडा बनाया गया है। इनमें महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों पर विचार और निर्णय, दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना को लेकर एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, मंदिर प्रबंधन की आगामी व्यवस्थाएं, वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिट किए गए आय-व्यय और वित्तीय विवरण की समीक्षा तथा अध्यक्ष की अनुमति से अन्य आवश्यक विषयों पर चर्चा शामिल है।
चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों पर टिकी निगाहें
बैठक का सबसे चर्चित एजेंडा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों पर विचार है। हालिया विवाद के बाद पहली बार इन इस्तीफों को औपचारिक रूप से बैठक के एजेंडे में शामिल किया गया है। ट्रस्ट के सदस्य इस मुद्दे पर चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई तय करेंगे। हालांकि, इस्तीफे स्वीकार किए जाएंगे या नहीं, इसका अंतिम निर्णय बैठक में विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
नए CEO की नियुक्ति पर भी हो सकता है फैसला
बैठक में ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नए सीईओ की नियुक्ति या इस पद से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर सहमति बन सकती है।
एसआईटी रिपोर्ट और वित्तीय पारदर्शिता पर रहेगा फोकस
दान-पात्रों से प्राप्त धनराशि की गणना को लेकर एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट भी बैठक का प्रमुख विषय रहेगी। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिट किए गए आय-व्यय और वित्तीय विवरण पर भी ट्रस्ट के सदस्य विस्तार से चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
अध्यक्ष की मौजूदगी को लेकर बना हुआ है संशय
बैठक से पहले ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की मौजूदगी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। वह इस समय लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन हैं। यदि स्वास्थ्य कारणों से वे बैठक में शामिल नहीं हो पाते हैं तो बैठक की अध्यक्षता कौन करेगा, इसे लेकर ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
देशभर की नजर बैठक के फैसलों पर
राम मंदिर से जुड़े हालिया दान-पात्र विवाद के बाद आयोजित हो रही इस बैठक को ट्रस्ट के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। महासचिव के इस्तीफे, सीईओ पद पर संभावित फैसला, एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, वित्तीय समीक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े निर्णय आने वाले समय में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और मंदिर प्रबंधन की दिशा तय कर सकते हैं। यही वजह है कि इस बैठक के नतीजों पर श्रद्धालुओं के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक हलकों की भी पैनी नजर बनी हुई है।
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