
यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना कानपुर में युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। पिछले तीन वर्षों में इस योजना के तहत 3500 से अधिक युवाओं ने अपना कारोबार शुरू किया है। इनमें कई ऐसे उद्यमी हैं, जिन्होंने छोटे स्तर से शुरुआत कर आज अपने व्यवसाय का विस्तार किया है और अब हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।
सरकारी सहायता और आसान ऋण सुविधा के जरिए कई युवाओं ने स्वरोजगार का रास्ता चुना है। योजना के तहत मिले वित्तीय सहयोग से कारोबार शुरू करने वाले लाभार्थी अब स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
लोन से खरीदी प्रिंटिंग मशीन, अब 12 लोगों को मिला रोजगार
कानपुर के फजलगंज क्षेत्र की रहने वाली तुलसी वर्मा इस योजना की लाभार्थियों में शामिल हैं। उन्होंने दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत लघु उद्योग विभाग से ऋण लेकर आधुनिक प्रिंटिंग मशीन स्थापित की। शुरुआत में कारोबार सीमित था, लेकिन समय के साथ विभिन्न कंपनियों से स्टिकर प्रिंटिंग और पैकेजिंग के ऑर्डर मिलने लगे।
व्यवसाय के विस्तार के बाद उनके पति सुमित श्रीवास्तव भी इस कार्य से जुड़ गए। वर्तमान में उनकी इकाई में करीब एक दर्जन लोग कार्यरत हैं और यहां कानपुर के साथ अन्य शहरों की कंपनियों के लिए भी प्रिंटिंग का काम किया जा रहा है।
पूंजी की कमी थी, योजना से मिला कारोबार बढ़ाने का मौका
तुलसी वर्मा के अनुसार उनके पति पहले से ही इसी क्षेत्र में कार्य कर रहे थे, लेकिन पर्याप्त पूंजी के अभाव में कारोबार आगे नहीं बढ़ पा रहा था। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया और ऋण प्राप्त कर नई मशीन खरीदी। उनका कहना है कि यदि किसी के पास कौशल और मेहनत करने की इच्छा है तो इस योजना के माध्यम से स्वरोजगार शुरू किया जा सकता है और अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।
5 लाख रुपये के लोन से शुरू किया इंटरनेट कैफे
कानपुर के कल्याणपुर निवासी अर्पित कुमार ने भी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का लाभ उठाकर अपना इंटरनेट कैफे शुरू किया। आवेदन और प्रशिक्षण के बाद उन्हें बैंक से करीब 5 लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किया, जहां नौकरी से संबंधित दस्तावेज तैयार करने, आधार अपडेट, ऑनलाइन आवेदन, नगर निगम और अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़े कार्य किए जाते हैं।
आज उनके केंद्र पर कई कर्मचारी कार्य कर रहे हैं और क्षेत्र के लोगों को विभिन्न डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वरोजगार के साथ दूसरों को भी दे रहे नया अवसर
अर्पित कुमार का कहना है कि एकमुश्त इतनी बड़ी पूंजी जुटाना उनके लिए संभव नहीं था, लेकिन योजना के तहत मिले ऋण ने उनका सपना पूरा कर दिया। उनके यहां कार्य करने वाले कई युवा अब इस व्यवसाय को सीख रहे हैं और भविष्य में इसी योजना का लाभ लेकर अपना स्वयं का केंद्र खोलने की तैयारी कर रहे हैं।
तीन साल में 3500 से ज्यादा युवाओं ने शुरू किया कारोबार
कानपुर के लघु उद्योग विभाग के उपायुक्त अंजनीश प्रताप सिंह के अनुसार मुख्यमंत्री की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में 3500 से अधिक युवाओं ने इन योजनाओं का लाभ लेकर अपना व्यवसाय शुरू किया है। इनमें प्रिंटिंग, सेवा क्षेत्र, विनिर्माण, डिजिटल सेवाएं और अन्य छोटे उद्योग शामिल हैं। इन उद्यमों के माध्यम से अब हजारों लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
Navyug Samachar