
मध्य प्रदेश डेस्क: उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले सोना, चांदी, नकदी और बहुमूल्य आभूषणों की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सख्त व्यवस्था लागू है। हाल के दिनों में कुछ मंदिरों में दान और चढ़ावे को लेकर उठे विवादों के बीच महाकाल मंदिर की दान प्रबंधन प्रणाली एक बार फिर चर्चा में है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यहां प्राप्त होने वाले प्रत्येक चढ़ावे का विधिवत रिकॉर्ड रखा जाता है और बहुमूल्य धातुओं की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाती है।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और विभिन्न प्रकार के चढ़ावे अर्पित करते हैं। मंदिर समिति का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निगरानी व्यवस्था के तहत संचालित की जाती है।
तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम करती है सोने-चांदी की जांच
मंदिर समिति के अनुसार, चढ़ावे में प्राप्त सोने और चांदी के आभूषणों की जांच के लिए सुनारों की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम नियुक्त की गई है। यह टीम धातु की शुद्धता, गुणवत्ता और कैरेट की विस्तृत जांच करती है। जांच पूरी होने के बाद उसका लिखित रिकॉर्ड तैयार किया जाता है और दानदाता को मंदिर समिति की ओर से विधिवत रसीद भी उपलब्ध कराई जाती है।
सीसीटीवी निगरानी में पूरी होती है दान प्रक्रिया
दान से जुड़ी पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न होती है। आभूषणों की जांच के समय मंदिर समिति के कोठार प्रभारी, संबंधित कर्मचारी और डिप्टी कलेक्टर स्तर का अधिकारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहते हैं। जांच पूरी होने के बाद दान में प्राप्त सामग्री को सुरक्षित कोठार में जमा किया जाता है और उसका पूरा विवरण कंप्यूटर तथा सरकारी अभिलेखों में दर्ज किया जाता है।
जल्द शुरू होगी हाईटेक मशीन से जांच
मंदिर समिति की उप प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि दान व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने के लिए जल्द ही हाईटेक जांच मशीन स्थापित की जाएगी। इस मशीन के माध्यम से सोने और चांदी की शुद्धता तथा असली या नकली होने की तत्काल पहचान की जा सकेगी। हालांकि मशीन के साथ सुनारों की विशेषज्ञ टीम भी पहले की तरह जांच प्रक्रिया जारी रखेगी।
वैष्णो देवी विवाद के बाद बढ़ी चर्चा
हाल के दिनों में कुछ मंदिरों में दान और चढ़ावे को लेकर विवाद सामने आने के बाद देशभर के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं पर चर्चा तेज हुई है। विशेष रूप से वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ावे में मिली बड़ी मात्रा में चांदी की जांच को लेकर उठे सवालों के बाद महाकाल मंदिर प्रशासन ने कहा है कि यहां पारदर्शिता और सुरक्षा के सभी निर्धारित मानकों का पूरी सख्ती से पालन किया जा रहा है।
अनियमितता मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि महाकाल मंदिर में प्राप्त होने वाले प्रत्येक चढ़ावे की सीसीटीवी निगरानी के बीच पारदर्शी तरीके से गणना और रिकॉर्डिंग की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Navyug Samachar