Thursday , 10 September 2026

अनशन खत्म करने को तैयार सोनम वांगचुक, सरकार के सामने रखीं 3 शर्तें, संसद सत्र के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

नेशनल डेस्क: पर्यावरण और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की सहमति जताई है, लेकिन इसके लिए सरकार और राजनीतिक दलों के सामने तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के बीच जारी उनके पत्र के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि यदि उनकी शर्तों में से किसी एक पर भी सकारात्मक पहल होती है तो वह 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कई दिनों से समर्थक उनसे भूख हड़ताल खत्म करने को लेकर सवाल कर रहे थे, जिसके बाद उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

सरकार के सामने रखीं तीन अहम शर्तें

वांगचुक ने अपनी पहली शर्त में कहा है कि सरकार हाल के समय में शिक्षा व्यवस्था में सामने आई विफलताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करे।

दूसरी शर्त के तहत उन्होंने मांग की है कि उन्हें और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को शांतिपूर्ण ढंग से संसद भवन के प्रवेश द्वार तक जाने की अनुमति दी जाए, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद उन्हें यह भरोसा दें कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

तीसरी शर्त में उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य कारणों या प्रशासनिक प्रतिबंधों की वजह से उनका संसद तक जाना संभव नहीं होता है तो विभिन्न दलों के सांसद सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर उन्हें लिखित या स्पष्ट आश्वासन दें कि यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।

अस्पताल में अवैध रूप से रोके जाने का लगाया आरोप

अपने पत्र में सोनम वांगचुक ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में गैर-कानूनी तरीके से रोका गया है। उनका कहना है कि उन्हें स्वतंत्र रूप से आने-जाने, अपनी बात रखने और लोगों तथा मीडिया से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने इसे अपने अधिकारों का उल्लंघन बताया है।

28 जून से जारी है भूख हड़ताल

सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के मामलों के विरोध में 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। शनिवार को दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई थी। इसके बाद उन्होंने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।

इस बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। संसद के मानसून सत्र और CJP के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर और संसद क्षेत्र में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

 

Check Also

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनप्रीत सिंह गोनी और इंटरनेशनल गोल्ड मेडलिस्ट कुनार आप में शामिल, सीएम मान ने किया स्वागत

पंजाब डेस्क: पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनप्रीत सिंह गोनी और इंटरनेशनल गोल्ड मेडलिस्ट एथलीट कुनार बुधवार …