
यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश सरकार प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदारों को बड़ी राहत देने जा रही है। सरकार ने गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकाया भुगतान के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत मूल बकाया जमा करने पर ब्याज और सरचार्ज पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। यह योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी।
मूल बकाया जमा करते ही मिलेगा पूरा लाभ
प्रदेश के प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरु प्रसाद की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। योजना का उद्देश्य राजस्व वसूली बढ़ाने, करदाताओं को राहत देने और लंबे समय से लंबित कर विवादों का निस्तारण करना है।
इस योजना के तहत प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायत यानी कुल 762 नगरीय निकायों में गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकायेदारों को केवल मूल कर राशि जमा करनी होगी। ऐसा करने पर ब्याज और सरचार्ज में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
इन लोगों को भी मिलेगा योजना का लाभ
ओटीएस योजना का लाभ आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली सभी संपत्तियों पर 1 अप्रैल 2026 तक के बकाया कर पर मिलेगा। व्यक्तिगत करदाताओं के अलावा सरकारी विभाग, स्वायत्तशासी संस्थाएं और सार्वजनिक उपक्रम भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
तीन किस्तों में भी कर सकेंगे भुगतान
सरकार ने बकायेदारों को राहत देते हुए अधिकतम तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी है। योजना लागू होने के 30 दिनों के भीतर कम से कम एक-तिहाई मूल बकाया जमा करना होगा। इसके बाद बची हुई राशि दो मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी। हालांकि, तीन महीने के भीतर पूरा भुगतान करना अनिवार्य होगा।
15 अगस्त से चलेगा जागरूकता अभियान
ओटीएस योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। वहीं 15 अगस्त से 14 सितंबर तक सभी नगरीय निकायों की ओर से व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बकायेदारों को योजना की जानकारी देकर इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से कर सकेंगे आवेदन
योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जा सकेंगे। नगरीय निकाय अपनी वेबसाइट या विशेष पोर्टल के जरिए आवेदन स्वीकार करेंगे। साथ ही लोगों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी। आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर उसका निस्तारण करना अनिवार्य होगा।
पहले जमा की गई राशि वापस नहीं मिलेगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना लागू होने से पहले यदि किसी ने आंशिक या पूरा बकाया जमा कर दिया है तो वह राशि वापस नहीं की जाएगी। वहीं, यदि योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरती गई या आवेदन तय समय में लंबित रहे तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
Navyug Samachar