
नेशनल डेस्क: देश की राजनीति में राहुल गांधी को लेकर एक बार फिर सियासी टकराव तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। राजधानी दिल्ली से लेकर विभिन्न राज्यों और जिला मुख्यालयों तक बीजेपी कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे। पार्टी का कहना है कि विरोध कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस के खिलाफ अपना पक्ष जनता के सामने रखा जाएगा।
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन की तैयारी
राजधानी दिल्ली स्थित 24 अकबर रोड पर कांग्रेस मुख्यालय के बाहर आज दोपहर बीजेपी कार्यकर्ताओं के जुटने की तैयारी है। पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। इसे लेकर संगठन स्तर पर भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
लखनऊ में भी बीजेपी का बड़ा प्रदर्शन
दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी बीजेपी बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय के बाहर दोपहर 1 बजे से प्रस्तावित इस प्रदर्शन का नेतृत्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी करेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में जुटने का आह्वान किया गया है।
बीजेपी ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने जैसी गतिविधियां स्वीकार नहीं की जा सकतीं। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया है, जिसके विरोध में यह देशव्यापी प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
NEET विवाद के बाद और गरमाई सियासत
नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मानसून सत्र पर भी दिख रहा असर
नीट विवाद और लगातार हो रहे राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों का असर संसद के मानसून सत्र पर भी देखने को मिल रहा है। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनती है तो आने वाले दिनों में भी संसद के सुचारु संचालन पर असर पड़ सकता है।
मंगलवार के प्रदर्शन के बाद बढ़ा सियासी टकराव
मंगलवार को कांग्रेस ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक, प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया था। राजाजी मार्ग से प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया था, जिसके बाद तनाव की स्थिति बन गई।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा समेत कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें छत्रसाल स्टेडियम और मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया। इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत विपक्ष के कई अन्य नेता भी शामिल हुए थे।
आज के प्रदर्शन पर टिकी राजनीतिक नजरें
बीजेपी के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बीच आज पूरे देश की नजर राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी। एक ओर सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के विरोध कार्यक्रमों को कानून-व्यवस्था का मुद्दा बता रहा है, वहीं विपक्ष नीट विवाद और छात्रों के भविष्य के सवाल को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर बना हुआ है।
Navyug Samachar