
यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के 37 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें 18 जिलों के लिए ऑरेंज और 19 जिलों के लिए येलो वार्निंग जारी की गई है। प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर, अमेठी और सुल्तानपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। आईएमडी के रंग आधारित चेतावनी मानचित्र के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है, जबकि मध्य और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र के अधिकांश जिले फिलहाल ग्रीन जोन में हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वहां बारिश नहीं होगी, बल्कि इन क्षेत्रों में फिलहाल किसी विशेष मौसम चेतावनी की आवश्यकता नहीं मानी गई है।
इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और गंगा के मैदानी क्षेत्रों के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। जिन प्रमुख जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें प्रयागराज, प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर और संत रविदास नगर (भदोही) शामिल हैं।
इन जिलों में तेज बारिश के कारण जलभराव, दृश्यता कम होने और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
19 जिलों में येलो अलर्ट, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
आईएमडी ने मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
येलो अलर्ट वाले प्रमुख जिलों में कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, फतेहपुर, कौशांबी, बांदा, चित्रकूट, झांसी, ललितपुर, महोबा, जालौन, आगरा, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज, हाथरस और मैनपुरी शामिल हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।
ग्रीन जोन वाले जिलों में भी बारिश के आसार
गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और अयोध्या समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिले ग्रीन जोन में हैं। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में भी स्थानीय स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
मानसूनी गतिविधियां क्यों हुईं तेज?
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर पड़ गया है। इसके बाद मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के करीब पहुंच गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण गंगा के मैदानी क्षेत्रों में नमी बढ़ी है। यही वजह है कि प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आई है।
4 से 6 डिग्री तक गिर सकता है तापमान
लगातार बादल छाए रहने और बारिश की संभावना के चलते अगले 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। इससे लोगों को उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि जिन इलाकों में भारी बारिश होगी, वहां जलभराव, कच्चे रास्तों पर फिसलन और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
आईएमडी की एडवाइजरी, बरतें ये सावधानियां
मौसम विभाग ने लोगों से गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील भी की गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
किसानों के लिए भी जारी की गई सलाह
आईएमडी ने किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार धान, मक्का, गन्ना, दलहन, तिलहन और सब्जियों की फसलों में पानी भरने से नुकसान हो सकता है। भारी बारिश के दौरान रासायनिक छिड़काव और उर्वरकों के इस्तेमाल से भी बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार जिन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है, वहां प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि बारिश का दौर तेज होता है तो निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नालों का जलस्तर बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी रहेगी।
Navyug Samachar