Monday , 5 October 2026

दिल्ली में बारिश का कहर: गलियों में उतरा सैलाब, पानी में खेलते दिखे बच्चे; ड्रेनेज दावों की खुली पोल

नेशनल डेस्क: दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही तेज बारिश ने शुक्रवार को राजधानी की रफ्तार थाम दी। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सड़कें तालाब में तब्दील नजर आईं। संगम विहार की गलियों में बच्चे पानी में तैरते दिखाई दिए, जबकि सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते रहे। भारी बारिश के चलते मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया था।

भारी बारिश से दिल्ली-एनसीआर बेहाल

गुरुवार सुबह से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा। लगातार बरसात के कारण दिल्ली और आसपास के इलाकों में आम जनजीवन प्रभावित हुआ। एक तरफ लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर जलभराव और ट्रैफिक जाम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।

संगम विहार समेत कई इलाकों में पानी भरने से लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख सड़कों पर वाहन घंटों तक फंसे रहे और यातायात की रफ्तार बेहद धीमी हो गई।

दिल्ली के कई इलाकों में रिकॉर्ड बारिश

शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक दिल्ली के अलग-अलग मौसम केंद्रों पर बारिश दर्ज की गई।

आयानगर में सबसे ज्यादा 87.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा पालम में 73.5 मिलीमीटर, पूसा में 59.5 मिलीमीटर, सफदरजंग में 57.2 मिलीमीटर, रिज में 49.6 मिलीमीटर और लोधी रोड में 49.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

बारिश से गिरा तापमान, मौसम हुआ सुहावना

लगातार बारिश के चलते दिल्ली के तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान सामान्य से 6.7 डिग्री कम होकर 27.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सफदरजंग मौसम केंद्र के अनुसार, अगस्त महीने में अब तक कुल 127 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। अगस्त महीने में सामान्य बारिश का स्तर 233.1 मिलीमीटर माना जाता है, जबकि पिछले साल अगस्त में 400.81 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।

मानसून ट्रफ और चक्रवाती सिस्टम से बढ़ी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में बारिश तेज होने की वजह मानसून ट्रफ की बदलती स्थिति है। यह ट्रफ लगातार अपनी स्थिति बदल रही है। इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से राजधानी में बारिश का दौर मजबूत हुआ है।

शनिवार के लिए यलो अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने शनिवार के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 9 और 10 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

विभाग के अनुसार अगले सप्ताह बुधवार के बाद चक्रवाती सिस्टम कमजोर पड़ने से बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। हालांकि 13 अगस्त तक हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है।

तीन साल बाद भी अधूरी जल निकासी योजना

दिल्ली में बारिश ने जलभराव की समस्या के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आसोला ड्रेन से जुड़ी ड्रेनेज योजना को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

साल 2023 में दिल्ली हाई कोर्ट ने आसोला ड्रेन और उससे जुड़ी जल निकासी व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए थे। लेकिन तीन साल बाद भी योजना पूरी नहीं हो सकी। शुक्रवार की बारिश के बाद फतेहपुर बेरी समेत आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली।

सरकारी दावों पर उठे सवाल

दिल्ली हाई कोर्ट में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने साल 2025 की स्टेटस रिपोर्ट में दावा किया था कि आसोला ड्रेन की नियमित सफाई, गाद हटाने, रुकावट दूर करने और मानसून के दौरान अतिरिक्त पंप लगाने जैसे कदम उठाए गए हैं।

विभाग ने अदालत को यह भी बताया था कि इन व्यवस्थाओं के कारण मानसून के दौरान आसोला ड्रेन से जुड़ी बड़ी जलभराव की समस्या नहीं हुई। लेकिन शुक्रवार को फतेहपुर बेरी की तस्वीरों ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त थी तो कुछ घंटों की बारिश में पूरा इलाका पानी में क्यों डूब गया।

फतेहपुर बेरी में घुटनों तक भरा पानी

बारिश के कुछ घंटों के भीतर फतेहपुर बेरी की मुख्य सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार हर साल मानसून में ऐसी स्थिति बन जाती है।

लोगों ने बताया कि कई घरों के बाहर लंबे समय तक पानी जमा रहता है। बच्चों को स्कूल जाने और नौकरीपेशा लोगों को काम पर पहुंचने में परेशानी होती है। जलभराव के कारण गंदा पानी जमा होने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। कई बार पानी में सांप और अन्य जहरीले जीव निकलने की घटनाएं भी सामने आती हैं।

हाई कोर्ट में दिए गए थे जल निकासी सुधार के दावे

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने अदालत में दावा किया था कि आसोला ड्रेन की सफाई कराई गई, गाद हटाई गई, रुकावटें दूर की गईं, मानसून के दौरान अतिरिक्त पंप लगाए गए और जल निकासी व्यवस्था की निगरानी की जा रही है।

लेकिन शुक्रवार की बारिश के बाद सामने आई स्थिति ने इन व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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