Monday , 5 October 2026

किसानों के लिए कर्ज लेना होगा आसान, लोकसभा में पेश हुआ NCDC संशोधन विधेयक; जानिए क्या बदलेगा

नेशनल डेस्क: सहकारी समितियों से जुड़े किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज और वित्तीय सहायता हासिल करना आसान बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम यानी एनसीडीसी के कामकाज का दायरा बढ़ाने वाला एनसीडीसी संशोधन विधेयक पेश किया गया।

सीधे ऋण और अनुदान देने का रास्ता होगा साफ

प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य एनसीडीसी से मिलने वाली वित्तीय सहायता को अधिक सीधा, लचीला और समयबद्ध बनाना है। नए प्रावधानों के तहत एनसीडीसी केवल सहकारी समितियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सहकारी क्षेत्र में काम करने वाली अन्य पात्र संस्थाओं को भी सीधे ऋण और अनुदान दे सकेगा।

फिलहाल ऐसी संस्थाओं को एनसीडीसी से सीधे वित्तीय सहायता मिलने में कानूनी अड़चन है। नए प्रावधान लागू होने के बाद इस व्यवस्था में बदलाव का रास्ता खुलेगा।

राज्य सरकार या दूसरी सहकारी संस्था की जरूरत नहीं

प्रस्तावित कानून के अनुसार, एनसीडीसी उन सहकारी समितियों या सहकारी विकास से जुड़ी पात्र संस्थाओं को सीधे ऋण और अनुदान दे सकेगा, जिनके जरिए मिलने वाली राशि का इस्तेमाल सहकारी समितियों के हित में किया जाना है। इसके लिए एनसीडीसी आवश्यक सुरक्षा या गारंटी मांग सकेगा।

इस व्यवस्था के तहत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए हर बार राज्य सरकार या किसी दूसरी सहकारी संस्था को बीच में लाने की जरूरत नहीं होगी। इससे वित्तीय मदद की प्रक्रिया को अधिक सरल और तेज बनाने में मदद मिल सकती है।

दूध, भंडारण और मछली उत्पादन से जुड़ी परियोजनाओं को फायदा

इस बदलाव का असर सहकारी क्षेत्र की कई परियोजनाओं पर पड़ सकता है। उदाहरण के तौर पर किसी दुग्ध सहकारी समिति के लिए दूध ठंडा करने का केंद्र तैयार करना हो, किसान सहकारी समिति के लिए भंडारण या प्रसंस्करण की सुविधा विकसित करनी हो या मछली उत्पादन और उसके विपणन से जुड़ा ढांचा तैयार करना हो, तो ऐसी परियोजनाओं से जुड़ी पात्र संस्थाओं को सीधे वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता खुल सकता है।

इससे परियोजनाओं को तेजी से शुरू करने और सहकारी समितियों के सदस्यों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

एनसीडीसी को शेयर पूंजी में हिस्सेदारी का अधिकार

विधेयक में एनसीडीसी को सरकार की मंजूरी से सहकारी समितियों और सहकारी विकास से जुड़ी संस्थाओं की शेयर पूंजी में हिस्सा लेने का अधिकार देने का भी प्रस्ताव है। इसके बाद एनसीडीसी की भूमिका केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी। जरूरत के मुताबिक वह संबंधित परियोजनाओं में पूंजी निवेश भी कर सकेगा।

चार साल में 2000 करोड़ रुपये का सरकारी अनुदान

सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2028-29 के बीच चार वर्षों में एनसीडीसी को 2,000 करोड़ रुपये का अनुदान देने का फैसला किया है। इस सरकारी सहायता के आधार पर एनसीडीसी करीब 20,000 करोड़ रुपये जुटाकर सहकारी क्षेत्र को कर्ज देने की अपनी क्षमता बढ़ा सकेगा।

इससे सहकारी संस्थाओं की दीर्घकालिक पूंजी और रोजमर्रा के संचालन के लिए जरूरी कार्यशील पूंजी की जरूरत पूरी करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

 

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