Saturday , 12 September 2026

मॉनसून में पहाड़ घूमने का बना रहे हैं प्लान? एक गलती पड़ सकती है भारी, सफर से पहले इन बातों का रखें ध्यान

नेशनल डेस्क: मॉनसून में पहाड़ी इलाकों का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है, लेकिन बारिश का मौसम यहां सफर के लिहाज से चुनौतीपूर्ण भी होता है। अचानक मौसम बदलने, तेज बारिश, भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाएं यात्रा में परेशानी खड़ी कर सकती हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में पहाड़ों का रुख करने से पहले कुछ जरूरी सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलें

पहाड़ों की यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग की ताजा जानकारी जरूर देख लें। जिस मार्ग से आप जाने वाले हैं, वहां सड़क की स्थिति कैसी है और रास्ता यातायात के लिए खुला है या नहीं, इसकी जानकारी प्रशासन या संबंधित विभाग से लें। भारी बारिश के कारण पहाड़ी रास्ते कई घंटे या कई दिनों तक बंद रह सकते हैं। अगर मौसम खराब होने की चेतावनी जारी हुई है, तो यात्रा को टालना ही सुरक्षित विकल्प है।

प्रशासन की चेतावनी को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

मॉनसून के दौरान जिला प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से समय-समय पर लोगों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। किसी इलाके में पीली, नारंगी या लाल चेतावनी जारी होने पर इसे गंभीरता से लेना चाहिए। प्रशासन जिन रास्तों या इलाकों में जाने से मना करे, वहां जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सुरक्षित यात्रा के लिए सरकारी निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।

रात में पहाड़ी रास्तों पर सफर से बचें

बारिश के मौसम में पहाड़ों पर रात के समय यात्रा करना जोखिम बढ़ा सकता है। अंधेरे में सड़क पर गिरे पत्थर, भूस्खलन, पानी का तेज बहाव और खराब सड़क साफ नजर नहीं आती। कई पहाड़ी इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा भी सीमित हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि यात्रा दिन के उजाले में ही पूरी की जाए और शाम होने से पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं।

नदी और नालों का पानी पार करने की भूल न करें

मॉनसून के दौरान पहाड़ों में छोटे नाले भी अचानक तेज बहाव वाले जलस्रोत में बदल सकते हैं। पानी कम नजर आने पर भी उसे पार करने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए। तेज बहाव लोगों और वाहनों को अपनी चपेट में लेकर बहा सकता है। अगर रास्ते में पानी का स्तर अधिक हो, तो सुरक्षित स्थान पर रुककर जलस्तर कम होने का इंतजार करना बेहतर है।

सफर से पहले वाहन की पूरी जांच जरूरी

पहाड़ी यात्रा पर निकलने से पहले वाहन के ब्रेक, टायर, हेडलाइट, वाइपर, बैटरी और इंजन की अच्छी तरह जांच करा लें। बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं और ऐसे में टायर की पकड़ कमजोर होने पर वाहन के फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। वाहन में पर्याप्त ईंधन, अतिरिक्त पहिया और जरूरी उपकरण भी रखें। अगर वाहन में किसी तरह की खराबी है, तो उसे ठीक कराने के बाद ही पहाड़ी सफर पर निकलें।

 

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