
यूपी डेस्क: विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात की चुनावी जिम्मेदारियां नए नेताओं को सौंपी हैं। भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए विनोद तावड़े को प्रभारी बनाया है, जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। पंजाब में सतीश पूनिया और गुजरात में तरुण चुघ को चुनाव प्रभारी बनाया गया है।
भाजपा के इस संगठनात्मक बदलाव को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने चुनावी राज्यों की जिम्मेदारी ऐसे नेताओं को दी है, जिन्हें संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है।
यूपी की चुनावी कमान विनोद तावड़े को
भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया है।
उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में शामिल है। ऐसे में विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को सौंपना पार्टी के संगठनात्मक और चुनावी लिहाज से अहम फैसला माना जा रहा है।
तावड़े और जगदीश ईश्वरभाई पटेल की जोड़ी अब उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और पार्टी की चुनावी रणनीति को जमीन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पंजाब में सतीश पूनिया को जिम्मेदारी
भाजपा ने सतीश पूनिया को पंजाब विधानसभा चुनाव का प्रभारी बनाया है। पूनिया भी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद हैं।
पंजाब में भाजपा के सामने संगठन को मजबूत करने और राज्य में अपना चुनावी आधार बढ़ाने की चुनौती है। ऐसे में पार्टी ने अनुभवी नेता सतीश पूनिया को जिम्मेदारी देकर अपनी चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।
गुजरात की कमान तरुण चुघ को
गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने राज्यसभा सांसद तरुण चुघ को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। चुघ पार्टी संगठन में पहले भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
गुजरात लंबे समय से भाजपा का मजबूत राजनीतिक आधार रहा है। ऐसे में आगामी चुनाव को देखते हुए राज्य की संगठनात्मक और चुनावी जिम्मेदारी तरुण चुघ को सौंपना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नितिन नवीन के कार्यकाल में पहली बड़ी संगठनात्मक कवायद
भाजपा का यह फेरबदल पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यकाल में पहली बड़ी राष्ट्रीय संगठनात्मक कवायद मानी जा रही है। नई राष्ट्रीय टीम में युवा और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
राष्ट्रीय संगठन में कई नए चेहरों को शामिल किया गया है, वहीं अनुभवी नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में अनुभवी नेताओं को चुनावी कमान सौंपकर भाजपा ने संगठन और चुनावी तैयारियों को गति देने की कोशिश की है।
स्मृति ईरानी और राम माधव को भी अहम जिम्मेदारी
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। वहीं पूर्व आरएसएस नेता राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन में अनुभव और राजनीतिक प्रभाव रखने वाले नेताओं को भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं दी हैं।
बीएल संतोष और अनिल बलूनी की जिम्मेदारी बरकरार
भाजपा ने संगठन महामंत्री बीएल संतोष को उनके पद पर बरकरार रखा है। वहीं मीडिया से जुड़ी जिम्मेदारी अनिल बलूनी के पास ही रहेगी।
सोशल मीडिया की जिम्मेदारी अब छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को दी गई है। डिजिटल माध्यमों पर पार्टी की पहुंच और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने के लिहाज से यह बदलाव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीन राज्यों के चुनाव पर भाजपा का फोकस
भाजपा के संगठनात्मक फेरबदल में आगामी विधानसभा चुनावों पर पार्टी का फोकस साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए अलग-अलग नेताओं को चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाया है।
उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े के साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया है। पंजाब की जिम्मेदारी सतीश पूनिया और गुजरात की चुनावी कमान तरुण चुघ को सौंपी गई है।
पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम और चुनावी राज्यों में हुई नियुक्तियों से संगठनात्मक बदलाव के साथ चुनावी तैयारियों को भी आगे बढ़ाने की रणनीति दिखाई दे रही है। यूपी, पंजाब और गुजरात जैसे राज्यों में अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी देकर भाजपा ने आगामी चुनावों के लिए संगठन को सक्रिय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
Navyug Samachar