
नेशनल डेस्क: जनगणना 2027 को लेकर आधार, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, मोबाइल नंबर और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी मांगे जाने को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान नागरिकों से बैंकिंग से जुड़ी कोई निजी या गोपनीय जानकारी नहीं ली जाएगी। बैंक खातों के मामले में केवल यह पूछा जाएगा कि किसी व्यक्ति के नाम पर कितने बैंक खाते हैं।
इसका मतलब है कि जनगणना के दौरान बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, एटीएम या डेबिट कार्ड नंबर, पासवर्ड, पिन, ओटीपी, खाते में मौजूद रकम या बैंक लेन-देन की जानकारी साझा नहीं करनी है। केवल अपने नाम पर मौजूद बैंक खातों की संख्या बतानी होगी।
आधार, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट जैसे सरकार की ओर से जारी पहचान दस्तावेजों से संबंधित जानकारी भी मांगी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित जानकारी उपलब्ध होने की स्थिति में ही उसे दिया जाना है।
जनगणना कर्मियों के पास होगा क्यूआर कोड वाला पहचान पत्र
जनगणना का काम करने वाले कर्मचारियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र की व्यवस्था की गई है। किसी कर्मचारी की पहचान को लेकर संदेह होने पर इस क्यूआर कोड के जरिए उसकी पहचान सत्यापित की जा सकेगी।
पहले से तैयार रखें जरूरी जानकारी
अधिकारियों के मुताबिक जनगणना के दौरान करीब 40 सवाल पूछे जाने हैं। ऐसे में लोगों के लिए घर से जुड़ी और मांगी जाने वाली अन्य आवश्यक जानकारी पहले से कागज पर तैयार रखना उपयोगी हो सकता है। इससे जनगणना की प्रक्रिया पूरी करने में आसानी होगी और गलत जानकारी दिए जाने की संभावना भी कम होगी।
बैंक की वित्तीय जानकारी नहीं ली जाएगी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना का उद्देश्य लोगों की निजी बैंकिंग या वित्तीय जानकारी जुटाना नहीं है। इसका मकसद देश की आबादी, सामाजिक स्थिति, आवास, शिक्षा, रोजगार, प्रवास और जनसांख्यिकीय स्थिति से जुड़े विश्वसनीय आंकड़े तैयार करना है।
जनगणना कानून के तहत व्यक्तिगत जानकारी रहेगी सुरक्षित
अधिकारियों के अनुसार जनगणना के दौरान जुटाई जाने वाली जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्र की जाती है। इसके तहत व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता धारा 15 के अंतर्गत सुरक्षित है। ऐसे में लोगों को अपनी निजी बैंकिंग जानकारी को लेकर अनावश्यक चिंता करने की जरूरत नहीं है।
साइबर ठगी से बचें, ये जानकारी किसी को न दें
जनगणना के नाम पर यदि कोई व्यक्ति बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मांगता है तो उसे साझा नहीं करना चाहिए। खास तौर पर ये जानकारी किसी को नहीं देनी है:
- बैंक खाता संख्या
- एटीएम या डेबिट कार्ड नंबर
- इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड
- यूपीआई पिन
- ओटीपी
- बैंक खाते में उपलब्ध राशि
- बैंक लेन-देन का विवरण
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