टेक्नोलॉजी डेस्क: कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़ी टेक कंपनी में नौकरी मिलना किसी भी इंजीनियर के लिए करियर की बड़ी शुरुआत माना जाता है। लेकिन अगर जॉइनिंग से कुछ दिन पहले ही कंपनी नौकरी का ऑफर वापस ले ले तो स्थिति बेहद मुश्किल हो सकती है। भारतीय इंजीनियर तेजस्व अग्रवाल के मामले में ऐसा ही हुआ है। उनके मुताबिक Oracle ने जॉइनिंग से सिर्फ पांच दिन पहले उनका नौकरी का ऑफर वापस ले लिया। खास बात यह है कि उनके साथ पहले भी ऑफर वापस लिए जाने की स्थिति बन चुकी थी।
तेजस्व ने Oracle में इंटर्नशिप पूरी की थी और इसके बाद उन्हें कंपनी की ओर से नौकरी का प्रस्ताव मिला था। ऐसे में उन्हें उम्मीद थी कि इंटर्नशिप के बाद इसी कंपनी में उनका करियर आगे बढ़ेगा। लेकिन बाद में कंपनी ने उनका ऑफर वापस ले लिया। अब दूसरी बार भी जॉइनिंग से ठीक पहले ऐसा होने का मामला सामने आया है।
पहले इंटर्नशिप, फिर मिला था नौकरी का ऑफर
तेजस्व ने Oracle में सर्वर तकनीक से जुड़ी इंटर्नशिप की थी। इस दौरान उन्होंने Oracle HTTP Server और HTTP/2 से संबंधित काम किया। इसके अलावा बड़े स्तर के C और C++ सिस्टम में तकनीकी समस्याओं को ठीक करने और वास्तविक उत्पादन कोड पर काम करने का अनुभव भी हासिल किया।
इंटर्नशिप पूरी होने के बाद Oracle की ओर से उन्हें नौकरी का ऑफर मिला। कॉलेज के बाद यह उनके करियर की पहली बड़ी नौकरी होने वाली थी। लेकिन कंपनी में बदलाव और कारोबारी जरूरतों में परिवर्तन का हवाला देते हुए बाद में उनका ऑफर वापस ले लिया गया। इसके बाद उन्हें नई नौकरी की तलाश शुरू करनी पड़ी।
अब एक बार फिर उनके साथ ऐसी ही स्थिति सामने आई है। तेजस्व की जॉइनिंग 18 अगस्त को होनी थी, लेकिन उससे सिर्फ पांच दिन पहले कंपनी ने फिर उनका ऑफर वापस ले लिया। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उन्हें नौकरी शुरू करने के पांच दिन बाद नहीं निकाला गया, बल्कि जॉइनिंग से पहले ही नौकरी का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया।
Oracle में ऑफर वापस लेने का मामला कितना बड़ा है?
तेजस्व का मामला अकेला नहीं बताया जा रहा है। 2026 में भारत के कई प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्रों के नौकरी और इंटर्नशिप ऑफर Oracle की ओर से वापस लिए जाने की खबरें सामने आई हैं।
इनमें आईआईटी दिल्ली, आईआईटी कानपुर, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी मद्रास, आईआईटी बीएचयू, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी रुड़की, एनआईटी वारंगल और एमएनएनआईटी इलाहाबाद जैसे संस्थानों के छात्र प्रभावित हुए थे। उस समय सामने आई रिपोर्टों में कई परिसरों से मिलाकर 50 से ज्यादा ऑफर वापस लिए जाने की बात कही गई थी।
Oracle की छंटनी से जुड़ा है पूरा मामला
कंपनी की ओर से ऑफर वापस लिए जाने की घटनाओं को Oracle की छंटनी से जोड़कर देखा जा रहा है। मई 2026 में कंपनी ने दुनिया भर में करीब 20 हजार कर्मचारियों की छंटनी की थी। इसके बाद भारत के विभिन्न संस्थानों में दिए गए कैंपस ऑफर वापस लिए जाने की खबरें सामने आईं।
रिपोर्टों के मुताबिक इस छंटनी का असर बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियरों पर भी पड़ा था। ऐसे में कंपनी की ओर से नए कर्मचारियों की भर्ती और कैंपस हायरिंग से जुड़े फैसलों को लेकर भी सवाल उठे।
कैंपस प्लेसमेंट में ऑफर वापस होना छात्रों के लिए क्यों बड़ी परेशानी है?
कैंपस प्लेसमेंट के दौरान किसी बड़ी कंपनी से नौकरी का प्रस्ताव मिलने के बाद छात्र अक्सर दूसरी कंपनियों में आवेदन करना रोक देते हैं। कई संस्थानों में ऐसी व्यवस्था भी होती है कि छात्र एक नौकरी का प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद दूसरे प्लेसमेंट अवसरों में शामिल नहीं हो सकते।
ऐसे में यदि कंपनी जॉइनिंग से कुछ समय पहले ऑफर वापस ले लेती है तो छात्र के पास दोबारा प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर भी नहीं बचता। यही वजह है कि 2026 में Oracle के ऑफर वापस लेने के बाद कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी साझा की।
कुछ छात्रों ने बताया कि नौकरी का प्रस्ताव मिलने के बाद उन्होंने कई महीनों तक दूसरी नौकरियों के लिए आवेदन नहीं किया था। बाद में ऑफर अचानक वापस होने पर उन्हें बिना नौकरी के नई तलाश शुरू करनी पड़ी। तेजस्व अग्रवाल का मामला इसी चुनौती को एक बार फिर सामने लाता है।
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