
राजस्थान डेस्क: सूरत से जयपुर जा रही इंडिगो की फ्लाइट में एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद जयपुर एयरपोर्ट पर मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में यात्री को प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर विमान को जयपुर में उतारने का फैसला लिया गया। लैंडिंग के बाद यात्री को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
शाम करीब 5:36 बजे जयपुर में सुरक्षित उतरी फ्लाइट
यह मामला इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-6852 से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम उड़ान के दौरान एक यात्री की तबीयत अचानक खराब हो गई। विमान में मौजूद कर्मचारियों ने यात्री को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं होने पर मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की गई।
फ्लाइट को शाम करीब 5:36 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से यात्री को अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
इससे पहले अकासा एयर की फ्लाइट को भी लौटना पड़ा था मुंबई
इससे पहले मुंबई से वाराणसी जा रही अकासा एयर की एक फ्लाइट में भी यात्री की तबीयत बिगड़ने के बाद विमान को वापस मुंबई लैंड कराया गया था। इस घटना के कारण फ्लाइट करीब दो घंटे की देरी से वाराणसी पहुंची थी।
जानकारी के मुताबिक, अकासा एयर की फ्लाइट QP-1429 मंगलवार शाम 5:15 बजे मुंबई एयरपोर्ट से वाराणसी के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के कुछ समय बाद सुनील कुमार जायसवाल नाम के एक यात्री की तबीयत अचानक खराब हो गई। उनके साथ यात्रा कर रहे दो यात्रियों ने तुरंत चालक दल के सदस्यों को इसकी जानकारी दी। उस समय विमान शिरडी के ऊपर उड़ रहा था। इसके बाद विमान को वापस मुंबई ले जाकर मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग में क्या होता है
विमान में किसी यात्री की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ने पर सबसे पहले चालक दल के सदस्य स्थिति का आकलन करते हैं। जरूरत पड़ने पर यह भी देखा जाता है कि विमान में कोई डॉक्टर या चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद है या नहीं।
स्थिति गंभीर होने पर पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी देता है और प्राथमिकता के आधार पर विमान को उतारने की अनुमति मांगी जाती है। इसके बाद संबंधित एयरपोर्ट पर एम्बुलेंस, चिकित्सा दल और सुरक्षा कर्मचारियों को पहले से तैयार रखा जाता है।
विमान के उतरते ही बीमार यात्री को चिकित्सा दल के हवाले किया जाता है। जरूरत के अनुसार उसे तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा जाता है।
Navyug Samachar