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रायबरेली से अखिलेश यादव का PDA रथ शुरू, सपा-कांग्रेस के बीच बढ़ेगा दबाव? एक साथ साधे तीन सियासी निशाने

रायबरेली: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी सियासी गतिविधियां तेज कर दी हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रायबरेली के बछरावां से PDA रथ यात्रा की शुरुआत की। राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र से यात्रा का आगाज होने के बाद इसके राजनीतिक संदेश को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यात्रा के जरिए पिछड़ा और दलित वर्ग के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने के साथ ही संगठन को चुनावी मोड में लाने और कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने की कवायद के तौर पर इसे देखा जा रहा है।

बछरावां से शुरू हुआ यात्रा का पहला चरण

अखिलेश यादव की PDA यात्रा के पहले चरण की शुरुआत बछरावां से हुई। इस दौरान वह हरचंदपुर के सपा विधायक और ओबीसी नेता राहुल लोधी के आवास जाएंगे। इसके साथ ही बछरावां के सपा विधायक श्याम सुंदर भारती से भी मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं का नाम हाल में रायबरेली में पुलिस के साथ हुए विवाद के संदर्भ में सामने आया था। यह विवाद समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी के सदस्यों के बीच हुई झड़प के बाद सामने आया था।

एक यात्रा, तीन सियासी संदेश

रायबरेली से PDA रथ की शुरुआत के पीछे सपा की रणनीति को तीन स्तरों पर देखा जा रहा है। पहला, लोधी और पासी जैसे सामाजिक समूहों के बीच अपनी पहुंच मजबूत करना। दूसरा, कांग्रेस के साथ संभावित सीट बंटवारे से पहले उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक ताकत का संदेश देना। तीसरा, 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना। सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर दोनों दलों के स्तर पर सीटों के बंटवारे को लेकर बयान सामने आते रहे हैं।

रायबरेली में कांग्रेस का सांसद, विधानसभा में नहीं कोई विधायक

रायबरेली लोकसभा सीट से राहुल गांधी सांसद हैं और यह क्षेत्र लंबे समय से गांधी परिवार और कांग्रेस की राजनीति से जुड़ा रहा है। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में रायबरेली जिले की छह विधानसभा सीटों में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी। उस चुनाव में सपा ने चार और भाजपा ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी। बछरावां से श्याम सुंदर भारती, हरचंदपुर से राहुल लोधी, सरेनी से देवेंद्र प्रताप सिंह और ऊंचाहार से मनोज पांडेय सपा के टिकट पर जीते थे, जबकि रायबरेली सदर से अदिति सिंह और सलोन से अशोक कुमार भाजपा के टिकट पर विजयी हुए थे। बाद में मनोज पांडेय भाजपा में शामिल हो गए।

लोधी और पासी समीकरण पर सपा की नजर

अखिलेश यादव की यात्रा की शुरुआत ऐसे क्षेत्र से हुई है जहां पार्टी के पास पिछड़े और दलित वर्ग से जुड़े प्रमुख चेहरे मौजूद हैं। हरचंदपुर के विधायक राहुल लोधी ओबीसी वर्ग से आते हैं, जबकि बछरावां के विधायक श्याम सुंदर भारती पासी समाज से हैं। ऐसे में यात्रा के जरिए सपा अपने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण को जमीन पर मजबूत करने का संदेश दे रही है। रायबरेली से यात्रा शुरू करना अवध क्षेत्र में इन सामाजिक समूहों के बीच पार्टी की राजनीतिक मौजूदगी को भी रेखांकित करता है।

पुलिस विवाद के बाद अखिलेश का रायबरेली दौरा

रायबरेली में 17 सितंबर को फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी से जुड़े छात्रों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सपा नेताओं और पुलिस के बीच भी टकराव की स्थिति बनी। सपा नेताओं ने पुलिस पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे, जबकि पुलिस की ओर से कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जोड़ा गया। अखिलेश यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को PDA से जुड़े मुद्दे के रूप में उठाया था और रायबरेली आने का ऐलान किया था।

ओपी राजभर ने साधा निशाना

अखिलेश यादव की PDA यात्रा पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव रायबरेली में PDA रथ के जरिए गुंडागर्दी और अपराध को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। राजभर ने रायबरेली के सपा जिलाध्यक्ष पर क्षेत्राधिकारी के साथ बदसलूकी करने और आपत्तिजनक बातें कहने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अपने जिलाध्यक्ष के व्यवहार का समर्थन करने रायबरेली जा रहे हैं।

कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे की राजनीति भी अहम

रायबरेली से यात्रा की शुरुआत ऐसे समय हुई है जब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन तथा सीटों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है। अखिलेश यादव लगातार लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन बनाए रखने की बात कहते रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस से जुड़े मजबूत इलाके से अपनी यात्रा शुरू कर सपा अपने संगठन और जमीनी उपस्थिति को सामने रखने की कोशिश कर रही है।

2027 के लिए कैडर को सक्रिय करने की तैयारी

PDA रथ यात्रा को सपा की चुनावी तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। रायबरेली से शुरुआत के जरिए पार्टी नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं के बीच चुनावी सक्रियता बढ़ाने और संगठन को जमीन पर मजबूत करने का संदेश दे रहा है। अखिलेश यादव का यह दौरा हालिया विवाद, सामाजिक समीकरण और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को एक साथ जोड़ता दिखाई दे रहा है।

 

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