
यूपी डेस्क: राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कुकरैल से सर्वोदय नगर के बीच एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। 538 मीटर लंबी एलिवेटेड डबल लेन सड़क के निर्माण से ढाई से तीन लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे जाम की समस्या कम होगी, दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा और वाहन चालकों को उल्टी दिशा में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस परियोजना पर उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम काम करेगा। वर्तमान में व्यय वित्त समिति से एलिवेटेड रोड के लिए 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। दिसंबर तक शासन से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने और धनराशि जारी होने की उम्मीद है।
कुकरैल से सर्वोदय नगर के बीच बनेगी एलिवेटेड डबल लेन सड़क
नए प्रस्ताव के तहत कुकरैल से सर्वोदय नगर के बीच 538 मीटर लंबी एलिवेटेड डबल लेन सड़क बनाई जाएगी। इसके बनने के बाद बादशाहनगर और निशातगंज की ओर से आने वाला यातायात क्लोवर लीफ के जरिए सर्वोदय नगर और खुर्रमनगर की तरफ आसानी से जा सकेगा।
वर्तमान में लेखराज की ओर से आने वाले वाहनों के कारण चौराहे पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
उल्टी दिशा में जाने की समस्या भी होगी खत्म
मौजूदा व्यवस्था में चौराहे से पहले बने फ्लाईओवर से उतरने के बाद कुछ वाहन चालक उल्टी दिशा में लेखराज जाने वाले मार्ग पर मुड़ जाते हैं। फिलहाल इसी लिंक रोड का इस्तेमाल आने और जाने, दोनों दिशाओं में किया जाता है।
एलिवेटेड रोड बनने के बाद यातायात को अलग-अलग दिशा में व्यवस्थित किया जा सकेगा। वाहन एक तरफ से एलिवेटेड रोड पर जाएंगे और दूसरी तरफ से नीचे उतर सकेंगे। इससे यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।
ग्रीन कॉरिडोर पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए जरूरत महसूस हुई
सेतु निगम के महाप्रबंधक केके श्रीवास्तव के मुताबिक, एलिवेटेड रोड बनने से ढाई से तीन लाख लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में यह मार्ग काफी व्यस्त हो गया है। ग्रीन कॉरिडोर पर लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए इस एलिवेटेड रोड की जरूरत महसूस की जा रही थी।
जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव के बाद मौके का सर्वे कराया गया। सर्वे के दौरान अधिकारियों ने महसूस किया कि इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा किया जाना जरूरी है।
जनवरी 2027 तक टेंडर, एक साल में निर्माण का लक्ष्य
अभियंताओं के मुताबिक धनराशि जारी होने से लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में जनवरी 2027 तक का समय लग सकता है। इसके बाद एलिवेटेड रोड का निर्माण शुरू होने पर करीब एक साल के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस एलिवेटेड रोड के बनने के बाद आने वाले करीब दो दशक तक इस मार्ग पर यातायात संबंधी परेशानी को कम करने में मदद मिलेगी।
Navyug Samachar