
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की चर्चित नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना के दौरान भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार हसीरानी रथ ने बड़ी बढ़त बना ली है। छह दौर की गिनती के बाद वह कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान से 49,922 वोटों से आगे चल रही हैं। बीजेपी की बढ़त बढ़ने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने चुनाव में कथित धांधली और वोट चोरी के आरोप लगाते हुए मतगणना प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल सामने आए आंकड़े चुनावी रुझान हैं, अंतिम परिणाम नहीं।
बेटे की हत्या के बाद न्याय की लड़ाई, हसीरानी रथ के लिए क्यों खास है चुनाव?
हसीरानी रथ के लिए नंदीग्राम का उपचुनाव राजनीतिक मुकाबले के साथ व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण है। उनके बेटे चंद्रनाथ रथ की विधानसभा चुनाव के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। हसीरानी रथ ने इंडिया टुडे से बातचीत में रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल करने का भरोसा जताया। उन्होंने अपनी संभावित जीत को बेटे के लिए न्याय हासिल करने की दिशा में पहला कदम बताया।
दूसरे दौर से ही मजबूत बढ़त, छह राउंड में 49,922 वोटों का अंतर
नंदीग्राम में मतगणना के शुरुआती दौर से ही बीजेपी उम्मीदवार आगे चल रही हैं। दूसरे दौर की गिनती के बाद हसीरानी रथ की बढ़त 19,291 वोट थी। तीसरे दौर में यह अंतर बढ़कर 34,820 वोट हो गया। पांचवें दौर के बाद उनकी बढ़त करीब 41,500 वोट बताई गई, जबकि छठे दौर की गिनती पूरी होने पर यह आंकड़ा 49,922 वोट तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती बढ़त ने नंदीग्राम के चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
कांग्रेस ने चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाया, BJP ने आरोपों को नकारा
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस खेमे का समर्थन प्राप्त है। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार भी मतगणना केंद्र पहुंचे। कांग्रेस ने मतदान के दौरान कथित अनियमितताओं और मतदाताओं को प्रभावित किए जाने के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, बीजेपी ने विपक्ष की ओर से लगाए गए चुनावी धांधली के आरोपों को खारिज किया है।
सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी की सियासी लड़ाई से जुड़ी है नंदीग्राम सीट
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से अहम स्थान रखता है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इसी सीट पर हराया था। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद यहां उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी।
नंदीग्राम में 80.89 प्रतिशत मतदान, अंतिम नतीजों पर नजर
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को हुए मतदान के दौरान 80.89 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अब मतगणना में बीजेपी की बड़ी बढ़त के बीच अंतिम परिणाम का इंतजार किया जा रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस की शिकायतों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर भी नजर बनी हुई है।
रेजीनगर में भी BJP की मजबूत स्थिति, चौथे दौर के बाद 23,189 वोटों की बढ़त
पश्चिम बंगाल डेस्क: पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना के दौरान बीजेपी उम्मीदवार शंकररव सरकार ने बढ़त बना ली है। चौथे दौर की गिनती के बाद वह आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार गोलाम नबी आजाद से 23,189 वोटों से आगे चल रहे हैं। तीसरे दौर के बाद बीजेपी उम्मीदवार को 28,416 वोट मिले थे, जबकि गोलाम नबी आजाद के खाते में 8,109 वोट दर्ज किए गए थे। इस दौरान कांग्रेस उम्मीदवार 1,708 वोटों के साथ पीछे चल रहे थे।
मुस्लिम बहुल रेजीनगर सीट पर पहली जीत की कोशिश में BJP
मुर्शिदाबाद जिले में स्थित रेजीनगर विधानसभा सीट इस बार चुनावी मुकाबले को लेकर चर्चा में है। मुस्लिम बहुल इस सीट पर बीजेपी पहली बार जीत दर्ज करने की कोशिश कर रही है। आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे गोलाम नबी आजाद इस सीट से चुनाव मैदान में हैं। हुमायूं कबीर ने नौदा विधानसभा सीट अपने पास रखने के बाद रेजीनगर सीट खाली की थी।
15 दौर में पूरी होगी मतगणना, अभी अंतिम परिणाम का इंतजार
निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रेजीनगर विधानसभा सीट पर मतगणना कुल 15 दौर में पूरी होनी है। ऐसे में चौथे दौर के बाद सामने आए रुझानों को अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता। शेष दौर की गिनती पूरी होने के बाद ही चुनावी मुकाबले की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।
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