नई दिल्ली: एसआईआर को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लगातार हमलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार किया है। अमित शाह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या कांग्रेस गुजरात में एसआईआर की वजह से हारी है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए और चुनावी नतीजों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस लंबे समय से चुनाव हार रही है और इसे किसी प्रक्रिया या व्यवस्था से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में कांग्रेस पिछले 41 साल से लगातार हार रही है और यह पार्टी के लिए गंभीर आत्मचिंतन का विषय होना चाहिए।
‘एक बड़े राज्य में 41 साल से नहीं जीत पाई कांग्रेस’
गृह मंत्री ने कहा कि जिस गुजरात में कभी कांग्रेस की सरकार हुआ करती थी, वहां पार्टी पिछले चार दशकों से अधिक समय में कोई बड़ी जीत हासिल नहीं कर पाई है। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वह हार के कारणों पर विचार करें और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दें।
अमित शाह ने हाल में हुए तीन राज्यों के उपचुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई।
उपचुनाव के नतीजों का दिया हवाला
अमित शाह ने कहा कि नौगांव सीट पर बीजेपी उम्मीदवार ने 1 लाख 42 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की और यह सीट कांग्रेस से छीन ली। उन्होंने नंदीग्राम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बीजेपी उम्मीदवार को 76 प्रतिशत वोट मिले और 1 लाख 22 हजार वोटों की बड़ी बढ़त हासिल हुई।
उन्होंने पश्चिम बंगाल की रेजीनगर सीट का भी जिक्र किया और कहा कि यहां बीजेपी ने 75 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की। वहीं, पुडुचेरी में एनडीए की सहयोगी पार्टी एआईएनआरसी के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की और कांग्रेस को केवल 22 प्रतिशत वोट मिले।
‘2029 में चौथी हार के लिए तैयार रहें राहुल’
अमित शाह ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें 2029 के चुनाव में चौथी बार हार के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व को अपनी रणनीति और प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए।
चाय पार्टी के बाद राहुल ने फिर साधा चुनाव आयोग पर निशाना
इससे पहले राहुल गांधी ने अपने आवास पर इंडिया गठबंधन के नेताओं के लिए चाय पार्टी आयोजित की थी। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत समेत गठबंधन के कई नेता शामिल हुए थे।
बैठक के बाद राहुल गांधी ने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की चोरी में शामिल लोगों को सजा दी जाएगी और जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और चुनाव व्यवस्था को लेकर उनकी लड़ाई अंतिम लक्ष्य तक जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रणाली को कमजोर किया गया है और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
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