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12वीं के बाद नर्सिंग में बनाएं करियर, ANM-GNM या B.Sc Nursing में से कौन सा कोर्स दिलाएगा सरकारी नौकरी?

करियर डेस्क: 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए नर्सिंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है। भारत के साथ विदेशों में भी प्रशिक्षित नर्सों की मांग बनी हुई है। छात्र अपनी योग्यता और करियर की योजना के अनुसार एएनएम, जीएनएम या बीएससी नर्सिंग जैसे डिप्लोमा और डिग्री कोर्स चुन सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों के बाद अस्पतालों, क्लीनिकों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में नौकरी के अवसर मिलते हैं। हालांकि, सरकारी नौकरी के लिए संबंधित भर्ती की पात्रता और चयन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

12वीं के बाद कौन-कौन से नर्सिंग कोर्स कर सकते हैं?

एएनएम (ANM)

ऑक्जिलरी नर्स मिडवाइफरी यानी एएनएम दो साल का डिप्लोमा कोर्स है। इसमें बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं, प्राथमिक उपचार और मरीजों की देखभाल से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है। 12वीं पास छात्राएं निर्धारित पात्रता के अनुसार इस पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकती हैं। एएनएम प्रशिक्षित कर्मियों की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका होती है।

जीएनएम (GNM)

जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी यानी जीएनएम का पाठ्यक्रम सामान्यतः साढ़े तीन साल का होता है, जिसमें छह महीने की इंटर्नशिप भी शामिल है। इसके जरिए छात्रों को नर्सिंग और मरीजों की देखभाल से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। कोर्स पूरा करने के बाद अस्पतालों में जनरल नर्स, स्टाफ नर्स और होम केयर नर्स जैसे पदों पर काम करने के अवसर मिल सकते हैं। दाखिले के लिए शैक्षणिक योग्यता और अन्य शर्तें संबंधित संस्थान के नियमों के अनुसार होती हैं।

बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing)

बीएससी नर्सिंग चार साल का स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम है। इसमें प्रवेश के लिए सामान्यतः 12वीं में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान यानी पीसीबी विषयों के साथ निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करना जरूरी होता है। कई संस्थानों में न्यूनतम अंक की सीमा 45 से 50 प्रतिशत के बीच हो सकती है, जबकि वास्तविक पात्रता कॉलेज और प्रवेश नियमों के अनुसार तय होती है। इस डिग्री के बाद अस्पतालों में नर्सिंग सेवाओं के साथ उच्च शिक्षा, नर्सिंग शिक्षण और संबंधित विशेषज्ञ क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। योग्य उम्मीदवार सैन्य नर्सिंग सेवा के लिए लागू नियमों के तहत भी अवसर तलाश सकते हैं।

नर्सिंग कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया

एएनएम और जीएनएम के कई संस्थानों में 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार करके दाखिला दिया जाता है। कुछ कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा या अन्य चयन प्रक्रिया भी हो सकती है। वहीं, बीएससी नर्सिंग में प्रवेश के लिए संस्थान और राज्य के अनुसार अलग-अलग नियम लागू होते हैं। कुछ संस्थानों में राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं के जरिए चयन किया जाता है। एम्स बीएससी नर्सिंग, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) और आईपीयू जैसी संस्थाओं की प्रवेश प्रक्रिया के बारे में आवेदन करने से पहले आधिकारिक पात्रता की जांच करना जरूरी है। NEET-UG की आवश्यकता भी संबंधित संस्थान और पाठ्यक्रम के मौजूदा नियमों पर निर्भर करती है।

सरकारी नौकरी से लेकर विदेश तक रोजगार के अवसर

नर्सिंग का कोर्स पूरा करने के बाद सरकारी और निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, सेना की चिकित्सा सेवाओं और गैर-सरकारी संगठनों में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। सरकारी अस्पतालों में नौकरी पाने के लिए संबंधित भर्ती के तहत आवेदन करना और निर्धारित चयन प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।

कितनी मिल सकती है शुरुआती सैलरी?

नर्सिंग में शुरुआती वेतन संस्थान, पद, योग्यता और अनुभव के आधार पर अलग-अलग होता है। सामान्य तौर पर फ्रेश स्टाफ नर्स को 18,000 से 35,000 रुपये प्रतिमाह तक मिल सकते हैं। एम्स या केंद्र सरकार के अस्पतालों में चयनित अभ्यर्थियों का वेतन इससे अधिक हो सकता है। कुछ पदों पर वेतन और भत्तों को मिलाकर शुरुआती मासिक राशि 60,000 से 70,000 रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है, लेकिन यह नियुक्ति के नियमों और पद पर निर्भर करता है।

विदेश में नर्सिंग के क्षेत्र में काम करने के इच्छुक उम्मीदवार ब्रिटेन, कनाडा और खाड़ी देशों में उपलब्ध अवसरों पर भी विचार कर सकते हैं। हालांकि, वहां नौकरी के लिए संबंधित देश की पंजीकरण प्रक्रिया, भाषा संबंधी शर्तें, अनुभव और अन्य आवश्यक योग्यताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं।

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